MPD 2047: दिल्ली में अब एक जैसा होगा पार्किंग चार्ज, DDA ला रहा है यूनिफाइड पार्किंग सिस्टम
DDA दिल्ली में एकीकृत परिवहन और यूनिफाइड पार्किंग मैनेजमेंट लागू करेगा, जिससे पार्किंग शुल्क एक समान होगा और ट्रैफिक कम होगा।

दिल्ली की सड़कों पर पार्किंग को लेकर होने वाली खींचतान और अलग-अलग दरों से परेशान होने वाले लोगों के लिए एक बड़ी राहत आने वाली है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) अब 'मास्टर प्लान फॉर दिल्ली (MPD) 2047' के तहत एकीकृत परिवहन और यूनिफाइड पार्किंग मैनेजमेंट सिस्टम पर जोर दे रहा है। इसका सीधा मकसद शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारना और पार्किंग के अनुभव को आसान बनाना है।
उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू इस पूरी योजना की कमान संभाल रहे हैं। उन्होंने हाल ही में ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) पॉलिसी की समीक्षा की और अधिकारियों को एक ऐसी रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जिससे पूरे शहर में पार्किंग का एक साझा ढांचा तैयार हो सके। अब तक एमसीडी (MCD), एनडीएमसी (NDMC), डीडीए (DDA) और दिल्ली मेट्रो (DMRC) जैसी अलग-अलग एजेंसियां अपने हिसाब से पार्किंग शुल्क वसूलती थीं, लेकिन अब एक 'यूनिफाइड पार्किंग बॉडी' के जरिए इन शुल्कों को मानकीकृत (Standardize) किया जाएगा।
निजी वाहनों को कम करने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने की तैयारी
DDA का यह नया नजरिया केवल पार्किंग की जगह बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि तकनीक के जरिए मांग को मैनेज करने पर आधारित है। उपाध्यक्ष एन सरवणा कुमार के नेतृत्व में डीडीए अब ऐसे कदम उठा रहा है जिससे लोग निजी वाहनों के बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट, पैदल चलने या साइकिल का इस्तेमाल करें। इसके लिए 'डायनेमिक कंजेशन प्राइसिंग' जैसे कड़े कदम उठाए जा सकते हैं और मल्टी-लेवल पार्किंग के पास ऑन-स्ट्रीट पार्किंग फीस बढ़ाई जा सकती है, ताकि लोग सड़कों पर गाड़ियां खड़ी करने के बजाय पार्किंग हाउस का इस्तेमाल करें।
इस पूरी योजना को जमीन पर उतारने के लिए आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA), ट्रैफिक पुलिस, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और स्थानीय मार्केट समूहों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। 20 अगस्त 2026 को अधिसूचित MPD-2047 का लक्ष्य दिल्ली की शहरी गतिशीलता को आधुनिक और टिकाऊ बनाना है, ताकि आने वाले समय में शहर की रफ्तार और बेहतर हो सके।