DDA का बड़ा कदम: पार्कों और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में चलाया 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान

दिल्ली को और अधिक स्वच्छ और हरा-भरा बनाने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने एक व्यापक पहल की है। उपराज्यपाल सरदार तरणजीत सिंह संधू के मार्गदर्शन में DDA अपने नियंत्रण वाले पार्कों, हरित क्षेत्रों, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और मनोरंजन केंद्रों में महीने भर चलने वाला 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान चला रहा है। इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य न केवल सफाई करना है, बल्कि पर्यावरण में सुधार लाना और आम जनता को इस कार्य से जोड़ना है।
यह अभियान 17 सितंबर 2026 को शुरू किया गया था, जो 'स्वच्छता ही सेवा 2026' की भावना पर आधारित है। इस अभियान के तहत अब तक विभिन्न खेल परिसरों से लगभग 2.5 टन कचरा इकट्ठा किया जा चुका है। इस पूरी प्रक्रिया में DDA के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ-साथ करीब 75 रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWAs), स्कूली छात्रों और स्थानीय निवासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है।
इन तीन खास पहलों पर है फोकस
DDA ने इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए तीन विशेष रणनीतियां तैयार की हैं:
- चिल्ड्रन टू द ग्रीन: इसके जरिए बच्चों और छात्रों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया जा रहा है, ताकि वे पेड़ों और प्राकृतिक संसाधनों की देखभाल की जिम्मेदारी समझ सकें।
- बिन बिफोर ओवरफ्लो: इस पहल का मकसद पार्कों में डस्टबिन की नियमित निगरानी करना है, ताकि कचरा बाहर न फैले और गंदगी न हो।
- कैपिटल्स प्रॉमिस: इसके तहत मनोरंजन क्षेत्रों के आसपास बने सार्वजनिक शौचालयों की सफाई और रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि स्वच्छता के मानकों को बेहतर बनाया जा सके।
सफाई के साथ-साथ इस अभियान में स्थानीय प्रजातियों के पेड़ लगाने और जैव विविधता को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जा रहा है। DDA ने लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित डस्टबिन का ही उपयोग करें और सार्वजनिक सुविधाओं का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करें।
यह अभियान साकेत स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, नेताजी सुभाष स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, हरि नगर, पश्चिम विहार और द्वारका के सेक्टर 11 व 17 सहित कई अन्य खेल परिसरों में चलाया जा रहा है। इस पूरी मुहिम का लक्ष्य 'जन भागीदारी' को बढ़ावा देना है, ताकि लोग सार्वजनिक स्थानों के प्रति अपना स्वामित्व महसूस करें और अभियान खत्म होने के बाद भी स्वच्छता बनाए रखें।