DDA का बड़ा अभियान: दिल्ली के पार्कों और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में चलेगा 'स्वच्छता ही सेवा'

दिल्ली की हरियाली और सार्वजनिक स्थलों को साफ-सुथरा बनाने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने कमर कस ली है। शहर के पार्कों, ग्रीन स्पेस, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और मनोरंजन केंद्रों में एक महीने तक चलने वाला विशेष 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान चलाया जा रहा है। 17 सितंबर 2026 को शुरू हुआ यह अभियान 17 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य दिल्ली के सार्वजनिक स्थलों को कचरा मुक्त बनाना और लोगों में जागरूकता लाना है।
यह पूरी मुहिम उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू के मार्गदर्शन में संचालित की जा रही है। यह अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें 'जन भागीदारी' पर विशेष जोर दिया गया है। केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय और आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के निर्देशों के तहत इसे एक राष्ट्रव्यापी प्रयास के रूप में लागू किया गया है।
जनभागीदारी और खास पहल
इस अभियान को दिलचस्प और प्रभावी बनाने के लिए DDA ने कई खास पहल शुरू की हैं। इनमें 'चिल्ड्रन टू द ग्रीन - लर्न, केयर एंड पार्टिसिपेट', 'बिन बिफोर ओवरफ्लो' और 'कैपिटल्स प्रॉमिस' जैसे प्रोग्राम शामिल हैं। इन पहलों के जरिए बच्चों को पर्यावरण की देखभाल करना सिखाया जा रहा है और कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाया जा रहा है।
अभियान के शुरुआती नतीजों की बात करें तो अब तक विभिन्न स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से लगभग 2.5 टन कचरा इकट्ठा किया जा चुका है। इस काम में केवल सरकारी कर्मचारी ही नहीं, बल्कि रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA), स्कूली छात्र और पार्कों में आने वाले आम नागरिक भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
इसी कड़ी में 1 अक्टूबर 2026 को 'एक दिन, एक घंटा, एक साथ' सफाई अभियान चलाया गया। इसी दिन उपराज्यपाल संधू ने द्वारका में एक नए DDA स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन भी किया, जो यह दर्शाता है कि प्रशासन बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ स्वच्छता को भी प्राथमिकता दे रहा है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मिशन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि लक्ष्य केवल एक बार की सफाई नहीं, बल्कि स्वच्छता को एक दैनिक आदत बनाना है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों और स्थानीय निकायों से भी इस अभियान में सक्रिय रूप से जुड़ने की अपील की है, ताकि संसाधन समृद्धि और स्वच्छता सुरक्षा जैसे लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके।