दिल्ली के जैव विविधता पार्कों में मिले ड्रैगनफ्लाई और डैम्सफ्लाई की दो नई प्रजातियां

दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) द्वारा आयोजित एक तीन दिवसीय सर्वेक्षण में राजधानी के जैव विविधता पार्कों से जुड़ी बड़ी जानकारी सामने आई है। 17 सितंबर से 19 सितंबर के बीच दिल्ली के सात जैव विविधता पार्कों में किए गए इस सर्वे में ड्रैगनफ्लाई और डैम्सफ्लाई की दो नई प्रजातियों की मौजूदगी का पता चला है। ये कीट ऐसे परिवारों से ताल्लुक रखते हैं जिनका इतिहास लगभग 30 मिलियन वर्ष पुराना है। शहर के बड़े पैमाने पर फैले शहरी बुनियादी ढांचे के बावजूद ये कीट आज भी यहां फलफूल रहे हैं। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) पर जा सकते हैं।
दिल्ली विकास Authority के अनुसार, इन पार्कों का प्रबंधन दिल्ली विश्वविद्यालय के पर्यावरण विघटित पारिस्थितिकी तंत्र प्रबंधन केंद्र (CEMDE) के तकनीकी सहयोग से किया जाता है। सर्वेक्षण के परिणामों में पार्क नेटवर्क के भीतर महत्वपूर्ण जैव विविधता देखने को मिली है। सबसे ज्यादा 23 प्रजातियां यमुना जैव विविधता पार्क में दर्ज की गईं। इसके बाद कमला नेहरू रिज में 22, अरावली जैव विविधता पार्क में 16, कालिंदी में 15, नीला हौज़ में 13, तुगलकाबाद में 12 और तिलपत घाटी में चार प्रजातियां दर्ज की गईं।
कालिंदी साइट पर विशेष रूप से उच्च जनसंख्या घनत्व देखा गया, जहां 4,234 व्यक्तिगत ड्रैगनफ्लाई दर्ज किए गए। ये कीट मच्छरों और अन्य छोटे कीटों के लिए महत्वपूर्ण प्राकृतिक शिकारियों के रूप में काम करते हैं। ये स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य और फसलों की सुरक्षा में भी अपना योगदान देते हैं।