दिल्ली को हरा-भरा बनाने की तैयारी: DDA ने लगाए 20 लाख से ज्यादा पौधे

दिल्ली विकास प्राधिकरण ने अपने वार्षिक वृक्षारोपण लक्ष्य का 90% हिस्सा पूरा कर लिया है। अब तक 20 लाख से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं।

Kittu Kumari31 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली को हरा-भरा बनाने की तैयारी: DDA ने लगाए 20 लाख से ज्यादा पौधे

राजधानी दिल्ली की हवा को शुद्ध करने और हरियाली बढ़ाने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 31 अक्टूबर 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, डीडीए ने अपने वार्षिक डीडीए वृक्षारोपण लक्ष्य का 90 प्रतिशत हिस्सा पूरा कर लिया है। इस अभियान के तहत अब तक कुल 20,53,306 पेड़ और झाड़ियाँ लगाई जा चुकी हैं, जो शहर के पर्यावरण के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

इस साल का लक्ष्य पिछले साल के मुकाबले काफी बड़ा रखा गया था। जहां पिछले साल 12 लाख पौधे लगाने का टारगेट था, वहीं इस बार इसे बढ़ाकर 23 लाख से अधिक कर दिया गया। वर्तमान डेटा के अनुसार, लगाए गए पौधों में 1,07,673 बड़े पेड़ और 19,45,633 झाड़ियाँ शामिल हैं।

जनभागीदारी और डिजिटल निगरानी से मिली सफलता

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इस विशाल अभियान की सबसे खास बात यह रही कि इसमें केवल सरकारी तंत्र ही नहीं, बल्कि आम जनता और विभिन्न संस्थाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कुल 202 संगठनों ने इस मुहिम को सफल बनाने में सहयोग किया है, जिनमें शामिल हैं:

  • 118 रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWAs)
  • 24 स्कूल और 11 संस्थान
  • 18 धार्मिक संस्थान
  • सरकारी विभाग, पुलिस और अर्धसैनिक बलों सहित 31 अन्य निकाय

पौधों को लगाने के बाद उनकी देखभाल सुनिश्चित करने के लिए डीडीए ने तकनीक का सहारा लिया है। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए 'DDA ग्रीन्स प्लांटेशन मॉनिटरिंग डैशबोर्ड' शुरू किया गया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए हर पार्क की विस्तृत जानकारी और जियो-टैग की गई तस्वीरें उपलब्ध हैं, जिससे यह पता चलता है कि पौधा वास्तव में कहां लगाया गया है।

पौधों की उत्तरजीविता (Survival Rate) सुनिश्चित करने के लिए फील्ड स्टाफ को उनकी सिंचाई और सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा, एक स्वतंत्र थर्ड-पार्टी एजेंसी को ऑडिट के लिए नियुक्त किया गया है, जो यह जांच करेगी कि कितने पौधे जीवित रहे। यदि कोई पौधा सूख जाता है, तो मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए उसकी पहचान कर वहां नया पौधा लगाने की व्यवस्था भी की गई है।

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