दिल्ली मास्टर प्लान 2047: अब 695 किमी तक दौड़ेगी मेट्रो, DDA ने तैयार किया मेगा प्लान
DDA ने दिल्ली मास्टर प्लान 2047 का खुलासा किया है, जिसमें मेट्रो नेटवर्क को 695 किमी तक बढ़ाने और ट्रैफिक मैनेजमेंट में AI के इस्तेमाल की योजना है।

राजधानी दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक से जूझने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने दिल्ली मास्टर प्लान 2047 का खाका तैयार कर लिया है, जिसका मुख्य उद्देश्य शहर के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह बदलना और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाना है। उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में मंजूर इस योजना को 20 अगस्त 2026 को आधिकारिक तौर पर अधिसूचित किया गया है।
इस मास्टर प्लान की सबसे बड़ी हाईलाइट पब्लिक ट्रांसपोर्ट का विस्तार है। योजना के मुताबिक, दिल्ली मेट्रो के मौजूदा नेटवर्क को 416 किलोमीटर से बढ़ाकर 695 किलोमीटर किया जाएगा। इतना ही नहीं, नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) को भी 82 किलोमीटर से बढ़ाकर 383 किलोमीटर तक ले जाने की तैयारी है। पर्यावरण और सेहत को ध्यान में रखते हुए शहर में 200 किलोमीटर लंबे समर्पित साइकिलिंग ट्रैक भी बनाए जाएंगे।
ट्रांसपोर्ट हब और AI से बदलेगी ट्रैफिक की सूरत
कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए तीन बड़े मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब विकसित किए जाएंगे। ये हब सराय काले खाँ, आनंद विहार और कश्मीरी गेट पर स्थित होंगे, जहाँ मेट्रो, रीजनल रेल और बस सेवाओं को एक साथ जोड़ा जाएगा ताकि यात्रियों को 'लास्ट माइल कनेक्टिविटी' में आसानी हो।
केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में जारी इस 535 पन्नों के दस्तावेज़ में आधुनिक तकनीक पर जोर दिया गया है। ट्रैफिक और पार्किंग मैनेजमेंट के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा, नए रोड लिंक, एलिवेटेड कॉरिडोर और अंडरपास बनाने का प्रस्ताव है।
विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल बिठाने के लिए एक एकीकृत 'मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी' बनाई जाएगी, जो PWD, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और NHAI जैसे विभागों के बीच समन्वय का काम करेगी। DDA ने इस पूरी योजना का गजट और लैंड-यूज़ मैप अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया है, जहाँ आम नागरिक अपनी राय और फीडबैक दे सकते हैं।