DDA का बड़ा प्लान: मास्टर प्लान 2047 के तहत लैंड पूलिंग के लिए शुरू किया आउटरीच कैंपेन

दिल्ली में घर खरीदने वालों और जमीन मालिकों के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। DDA Land Pooling Policy और मास्टर प्लान 2047 (MPD-2047) को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए एक महीने का विशेष आउटरीच कैंपेन शुरू किया गया है। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के दिशा-निर्देशों पर शुरू किए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जमीन मालिकों और अन्य हितधारकों को इस योजना से जोड़ना है, ताकि दिल्ली के विस्तार को एक नई दिशा मिल सके।
इस पूरी योजना का लक्ष्य करीब 200 वर्ग किलोमीटर जमीन पर लगभग 12 लाख नए घर तैयार करना है। लैंड पूलिंग पॉलिसी, जो 2018 में अधिसूचित की गई थी, पूरी तरह से स्वैच्छिक है। इसमें 60:40 के लैंड-शेयरिंग मॉडल पर काम किया जाएगा, जिससे बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा मिलेगा।
कनेक्टिविटी और किफायती घरों पर जोर
सिर्फ घर ही नहीं, बल्कि दिल्ली की सड़कों का जाल भी बिछाया जाएगा। DDA की योजना के मुताबिक, कनेक्टिविटी सुधारने के लिए 600 किलोमीटर से ज्यादा लंबी नई सड़कें बनाई जाएंगी, जिसमें अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (UER-II) कॉरिडोर पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस क्षेत्र को हाई-डेंसिटी और मिश्रित उपयोग के विकास के लिए चिह्नित किया गया है, जहाँ अधिकतम फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) 400 रखा गया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यहाँ बनने वाले कुल घरों में से 20% हिस्सा किफायती आवास (Affordable Housing) के लिए आरक्षित होगा।
यह पहल मुख्य रूप से प्लानिंग जोन K-I, L, N, P-II और J के कुछ हिस्सों को कवर करेगी। इसमें बक्करवाला, तिगीपुर, सुल्तानपुर डबास और गड़ी खसरो जैसे कई गांव शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि जोन P-II के सेक्टर 8B को कार्यान्वयन के लिए सबसे पहले अधिसूचित किया गया है।
केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने इस विजन को स्पष्ट करते हुए कहा कि मास्टर प्लान 2047 का व्यापक लक्ष्य दिल्ली की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए 40 लाख किफायती घर बनाना है। इस पूरे विकास में सस्टेनेबिलिटी, ग्रीनरी और ट्रांजिट-ओरिएंटेड अर्बन ग्रोथ को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि आने वाले समय में दिल्ली एक आधुनिक और व्यवस्थित शहर बन सके।