दिल्ली विकास प्राधिकरण ने मास्टर प्लान फॉर दिल्ली 2047 के तहत लैंड यूज प्लान के लिए एक जीआईएस आधारित इंटरेक्टिव डिजिटल मैप आधिकारिक रूप से लॉन्च कर दिया है। यह नई डिजिटल सेवा 30 सितंबर 2026 को शुरू की गई है। उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू के निर्देशों के तहत लागू इस पहल से अब शहर के निवासी और सभी हितधारक किसी भी प्लॉट या संपत्ति के भूमि उपयोग का पता सिर्फ एक क्लिक में लगा सकेंगे। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म को आधिकारिक डीडीए वेबसाइट पर 'मास्टर प्लान फॉर दिल्ली-2047' सेक्शन के माध्यम से आसानी से एक्सेस किया जा सकता है। इसे पारदर्शिता बढ़ाने और नागरिकों को स्थानीय नागरिक कार्यालयों में जाने की जरूरत को खत्म करके ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन किया गया है।
यह मैप उपयोगकर्ताओं को विशिष्ट स्थानों को खोजने और व्यक्तिगत प्लॉट स्तर तक ज़ूम इन करने की अनुमति देता है। इस इंटरेक्टिव टूल की मुख्य विशेषताओं में लैंड पूलिंग एरिया, ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट ज़ोन, द्वारका सब-सिटी, रोहिणी प्रोजेक्ट लेआउट, पीएम-उदय कॉलोनियों और डीडीए पार्कों जैसी कई विषयगत परतों का एकीकरण शामिल है। यह मैप नौ प्राथमिक भूमि उपयोग श्रेणियों के बीच अंतर करने के लिए रंग-कोडिंग प्रणाली का उपयोग करता है, जिसमें आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, मनोरंजन, परिवहन, उपयोगिता, सरकारी, सार्वजनिक और अर्ध-सार्वजनिक सुविधाएं और कृषि व जल निकाय शामिल हैं। बुनियादी पहचान के अलावा, यह प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ताओं को दूरी और आयाम मापने तथा व्यक्तिगत विश्लेषण के लिए स्केच या ड्राइंग बनाने की उन्नत कार्यक्षमता भी प्रदान करता है। डीडीए ने संकेत दिया है कि डेटा को वर्तमान बनाए रखने के लिए इस मैप को लगातार अपडेट किया जाएगा, जो एमपीजी-2047 के तहत दिल्ली के दीर्घकालिक विकास ढांचे के रूप में कार्य करेगा।