DDA की बड़ी पहल: दिल्ली के 45 झुग्गी क्लस्टरों का होगा कायाकल्प, मास्टर प्लान 2047 के तहत शुरू हुई प्रक्रिया

दिल्ली के लाखों झुग्गी-झोपड़ी निवासियों के लिए अच्छी खबर है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने राजधानी के 45 झुग्गी-झोपड़ी (JJ) क्लस्टरों के इन-सीटू पुनर्वास (In-situ redevelopment) की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी है। यह पूरी कवायद दिल्ली मास्टर प्लान 2047 (MPD-2047) के तहत की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य शहर के गरीब तबके को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है।
केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा अगस्त 2026 में अधिसूचित इस मास्टर प्लान का लक्ष्य दिल्ली के 650 से अधिक क्लस्टरों में रहने वाले करीब 17 लाख लोगों को बेहतर घर देना है। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए DDA ने तीन ट्रांजैक्शन एडवाइजर्स (TAs) की नियुक्ति के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी किया है। ये सलाहकार फर्म्स एक साल के भीतर विस्तृत फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करेंगी, जिसमें वित्तीय व्यवहार्यता और बुनियादी ढांचे की जरूरतों का आकलन किया जाएगा।
इन इलाकों को मिलेगा लाभ और निजी निवेश पर जोर
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पहले चरण में 135.74 एकड़ जमीन पर फैले 15 प्रस्तावित प्रोजेक्ट साइट्स पर काम होगा, जिससे करीब 21,229 परिवारों को सीधा फायदा मिलेगा। पुनर्वास की इस सूची में कालकाजी, आजादपुर, पीतमपुरा, बादली, विकासपुरी, आनंद पर्वत और शाहदरा जैसे प्रमुख इलाके शामिल हैं। अनुमान है कि इस पुनर्विकास से एक लाख से ज्यादा लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा और जमीन का बेहतर उपयोग हो सकेगा।
उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू के मार्गदर्शन में चल रही यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' के विजन को साकार करती है। DDA उपाध्यक्ष ने हाल ही में 25 सितंबर 2026 को आयोजित इन्वेस्टर्स मीट के बाद यह स्पष्ट किया कि इस स्तर के शहरी नवीनीकरण के लिए निजी डेवलपर्स के साथ मजबूत सहयोग की आवश्यकता होगी, ताकि समयबद्ध तरीके से प्रोजेक्ट्स को पूरा किया जा सके।