DDA और INTACH की नई पहल: अब हेरिटेज वॉक के जरिए करीब से जानेंगे दिल्ली का इतिहास

DDA और INTACH मिलकर दिल्ली में 12 हेरिटेज वॉक आयोजित करेंगे। मेहरौली आर्कियोलॉजिकल पार्क से होगी इसकी शुरुआत।

Kittu Kumari22 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
DDA और INTACH की नई पहल: अब हेरिटेज वॉक के जरिए करीब से जानेंगे दिल्ली का इतिहास

दिल्ली की ऐतिहासिक इमारतों और प्राकृतिक खूबसूरती को करीब से महसूस करने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने एक खास तैयारी की है। DDA ने इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (INTACH) के साथ एक समझौता (MoU) किया है, जिसके तहत शहर के हेरिटेज और ग्रीन स्पेस में कुल 12 हेरिटेज वॉक आयोजित की जाएंगी। इस पहल का मुख्य मकसद दिल्ली के लोगों को शहर की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत से रूबरू कराना है।

इस पूरी योजना की शुरुआत 24 अक्टूबर को शाम 4 बजे मेहरौली आर्कियोलॉजिकल पार्क से होगी। यहाँ आने वाले लोग न केवल ऐतिहासिक ढांचों को देखेंगे, बल्कि उनके पीछे छिपी अनकही कहानियों और वास्तुकला की बारीकियों को भी जान सकेंगे। यह पूरी मुहिम दिल्ली के गवर्नर सरदार तरणजीत सिंह संधू के निर्देशों के बाद शुरू की गई है, जिन्होंने संजय वन में एक हेरिटेज वॉक का नेतृत्व करते हुए पारिस्थितिकी के संरक्षण और प्रकृति से जुड़ाव पर जोर दिया था।

6 महीने में 6 खास जगहों की सैर

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

DDA के मुताबिक, अगले 6 महीनों तक हर महीने दो वॉक आयोजित की जाएंगी। इन वॉक के लिए कुल 6 प्रमुख स्थानों को चुना गया है, जिनमें शामिल हैं:

  • संजय वन
  • मेहरौली आर्कियोलॉजिकल पार्क
  • सुल्तान गढ़ी
  • तुगलकाबाद
  • डियर पार्क/हौज खास
  • नार्दर्न रिज (Northern Ridge)

इन वॉक के लिए रूट तय करने, थीम चुनने और एक्सपर्ट गाइड्स की व्यवस्था INTACH करेगा, जबकि प्रशासनिक अनुमति और अन्य व्यवस्थाएं DDA संभालेगा। बेहतर अनुभव और बातचीत के लिए एक वॉक में अधिकतम 40 लोगों को ही शामिल किया जाएगा।

इच्छुक लोग DDA पोर्टल के जरिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इस वॉक के लिए प्रति व्यक्ति 500 रुपये (प्लस जीएसटी) की फीस रखी गई है। DDA का मानना है कि मास्टर प्लान 2047 (MPD-2047) के तहत दिल्ली के सतत विकास के साथ-साथ इसकी विरासत को संजोना बेहद जरूरी है। प्राधिकरण ने विशेष रूप से युवाओं से अपील की है कि वे इन वॉक का हिस्सा बनें ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी साझा विरासत पर गर्व कर सकें।

Share:

Comments

Leave a comment