दिल्ली में बनेंगे 12 लाख घर, DDA ने लैंड पूलिंग के लिए शुरू किया 'रिफॉर्म उत्सव'

राजधानी दिल्ली में आवास की समस्या को दूर करने और शहरी विस्तार को रफ्तार देने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने एक बड़ा कदम उठाया है। DDA ने 12 लाख नए घरों के निर्माण के अपने महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए महीने भर का 'रिफॉर्म उत्सव' अभियान शुरू किया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों और जमीन मालिकों को लैंड पूलिंग पॉलिसी के बारे में जागरूक करना और उन्हें इस योजना से जोड़ना है।
दिल्ली के उपराज्यपाल और DDA चेयरमैन तरणजीत सिंह संधू के दिशा-निर्देशों पर शुरू किए गए इस अभियान के तहत करीब 200 वर्ग किलोमीटर के नियोजित शहरी विस्तार पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। DDA की टीम अलग-अलग गांवों में जाकर इंटरैक्टिव कैंप लगा रही है, ताकि लोग इस नीति को समझ सकें और इसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
इन इलाकों में लग रहे हैं जागरूकता कैंप
इस अभियान के तहत बक्करवाला, तिगीपुर और सुल्तानपुर डबास जैसे गांवों में कैंप लगाए जा रहे हैं, जो विकास जोन K-1, P-II और N के अंतर्गत आते हैं। इसके अलावा छवला, सरनपुर, नेब सराय, खेड़ा कलान और मुखमेलपुर में भी सत्र आयोजित किए जाएंगे। यह पूरी पहल 'मास्टर प्लान फॉर दिल्ली-2047' (MPD-2047) का एक अहम हिस्सा है, जिसे 12 अगस्त 2026 को मंजूरी दी गई थी और वर्तमान में यह आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के पास समीक्षा के लिए है।
लैंड पूलिंग पॉलिसी की बारीकियों की बात करें तो इसके तहत 105 गांवों के लगभग 20,000 हेक्टेयर क्षेत्र की पहचान की गई है। अब तक 7,865 हेक्टेयर जमीन देने के लिए जमीन मालिक तैयार हो चुके हैं। इस फ्रेमवर्क में 60:40 के लैंड डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल का प्रस्ताव है। साथ ही, कनेक्टिविटी सुधारने और जमीन की कीमत बढ़ाने के लिए 600 किलोमीटर से ज्यादा का रोड नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
खास बात यह है कि जोन P-II के सेक्टर 8B ने पहले ही 70% अनिवार्य थ्रेशोल्ड पूरा कर लिया है, जिससे यह नए दिशा-निर्देशों के तहत विकास के लिए पात्र पहला सेक्टर बन गया है। वहीं, जहां स्वैच्छिक पूलिंग में दिक्कत आ रही है, वहां DDA 'टाउन प्लानिंग स्कीम्स' के जरिए अनिवार्य पूलिंग के लिए दिल्ली विकास अधिनियम में संशोधन करने पर काम कर रहा है।