दिल्ली के छतरपुर में डीडीए का बुलडोजर एक्शन, सड़क चौड़ीकरण के लिए 20 घर तोड़े गए

दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने 21 सितंबर 2026 को छतरपुर के सतबारी गौशाला रोड पर सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए एक विध्वंस अभियान चलाया। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप लगभग 20 रिहायशी मकान और कई फार्महाउस तोड़ दिए गए। अधिकारियों ने यह कार्रवाई दक्षिण जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) के आदेश पर दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों की मौजूदगी में की। इस खबर से स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया है और यह कार्रवाई इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
कार्रवाई से पहले केवल 48 घंटे का नोटिस मिलने से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी और परेशानी देखने को मिली। स्थानीय लोगों का दावा है कि यह समय सीमा उनके घरों से सामान हटाने के लिए नाकाफी थी। अभियान के दौरान अधिकारियों द्वारा प्रभावित घरों के बिजली कनेक्शन काट दिए गए और बिजली मीटर हटा दिए गए। कुछ निवासियों ने अपने निजी सामान को नुकसान पहुंचने का आरोप लगाया, जबकि अन्य ने कहा कि डीएम ने संभावित मुआवजे का जिक्र किया था।
यह कार्रवाई जुलाई 2026 में डीडीए द्वारा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को लेकर अपनाई गई 'जीरो टॉलरेंस नीति' के तहत की गई है। इस नीति में अतिक्रमणकारियों से तोड़फोड़ की लागत वसूलना भी शामिल है। डीडीए ने जनता से अपील की है कि वे संपत्ति खरीदने से पहले उसकी कानूनी स्थिति की जांच करें और डीडीए 311 मोबाइल ऐप के जरिए अवैध अतिक्रमण की सूचना दें। यातायात को बेहतर बनाने के लिए वर्तमान में इस जगह को साफ किया जा रहा है, हालांकि अचानक हुई इस कार्रवाई से लोगों को भारी विस्थापन का सामना करना पड़ा है।
इससे पहले जुलाई 2025 में, दिल्ली उच्च न्यायालय ने सतबारी गांव में इसी तरह के एक डीडीए विध्वंस अभियान पर रोक लगा दी थी। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय दिशानिर्देशों का पालन करने में प्राधिकरण की विफलता पर चिंता जताई थी। वर्तमान में छतरपुर में हुई इस कार्रवाई के बाद से स्थानीय स्तर पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और प्रभावित परिवार खुले आसमान के नीचे आने को मजबूर हैं।