DDA का बड़ा फैसला: दिल्ली के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में सिंगल-यूज़ प्लास्टिक बोतलों पर लगी रोक

दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने शहर के खेल परिसरों (स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स) में पर्यावरण की सुरक्षा और स्वच्छता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के तहत अब इन परिसरों में सिंगल-यूज़ प्लास्टिक बोतलों के इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह पहल दिल्ली के उपराज्यपाल और DDA अध्यक्ष टी.एस. संधू के नेतृत्व में शुरू की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना और 'जन भागीदारी' को बढ़ावा देना है।
यह अभियान 17 सितंबर 2026 से शुरू हुआ है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'स्वच्छता ही सेवा 2026' मिशन का हिस्सा है। इस मुहिम को दुनिया का सबसे बड़ा जन-संचालित स्वच्छता अभियान माना जा रहा है। DDA ने केवल प्रतिबंध ही नहीं लगाया, बल्कि लोगों की सुविधा के लिए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में वॉटर डिस्पेंसर और स्टील के डस्टबिन भी लगवाए हैं, ताकि प्लास्टिक बोतलों की जरूरत न पड़े।
कचरा प्रबंधन के लिए उठाए गए खास कदम
स्वच्छता अभियान को प्रभावी बनाने के लिए DDA ने कचरा प्रबंधन के नए तरीके अपनाए हैं। अब परिसरों में नीले और हरे रंग के ट्विन डस्टबिन लगाए गए हैं, जिससे सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग इकट्ठा किया जा सके। साथ ही, लोगों को गंदगी न फैलाने के लिए जगह-जगह साइनबोर्ड भी लगाए गए हैं। DDA के मुताबिक, इस अभियान के दौरान अब तक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से लगभग 2.5 टन कचरा इकट्ठा किया जा चुका है।
इस पूरे अभियान को तीन विशेष प्रोग्राम्स में बांटा गया है:
- चिल्ड्रन टू द ग्रीन: इसके जरिए छात्रों को पर्यावरण की देखभाल और संरक्षण के प्रति प्रेरित किया जा रहा है।
- बिन बिफोर ओवरफ्लो: इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि डस्टबिन भरने से पहले ही उन्हें खाली कर दिया जाए।
- कैपिटल्स प्रॉमिस: इस प्रोग्राम के तहत मनोरंजन क्षेत्रों में स्थित सार्वजनिक शौचालयों में स्वच्छता और हाइजीन बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।
इस मुहिम में केवल DDA के कर्मचारी ही नहीं, बल्कि 75 रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWAs) और स्थानीय समुदाय के लोग भी कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं। जगह-जगह पौधारोपण और सफाई अभियान चलाकर सार्वजनिक स्थानों को बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है।