बड़ी खबर: DDA ने दिल्ली के 50 साल पुराने मकानों के लिए नई पुनर्विकास नीति को दी मंजूरी

दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने दिल्ली के 50 साल से अधिक पुराने दो मंजिला रिहायशी मकानों के पुनर्निर्माण और पुनर्विकास के लिए एक नई एकसमान नीति को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी है। यह बड़ा फैसला 12 अगस्त 2026 को उपराज्यपाल Taranjit Singh Sandhu की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया, जिसके तहत अब इन बने हुए मकानों को खाली रिहायशी प्लॉट के बराबर ही पुनर्विकास के अधिकार मिल गए हैं। यह योजना खास तौर पर Master Plan Delhi-1962 के तहत बने घरों के लिए है, जो समय के साथ कमजोर हो चुके हैं।
नई नीति और नियम
नई व्यवस्था के तहत, पुनर्विकास का काम Master Plan for Delhi (MPD) के नियमों, स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफिकेट और Unified Building Bye-Laws (UBBL) के पालन के साथ होगा, जिसमें ऊंचाई और फायर सेफ्टी के नियम भी शामिल हैं। मकान मालिकों को जरूरी कनवर्जन चार्ज और स्क्रूटनी फीस चुकाने के बाद पुनर्विकास करने की अनुमति मिलेगी।
अपरप्रूवल प्रक्रिया हुई आसान
DDA ने UBBL 2016 में संशोधन करके कई स्थानीय विभागों से No Objection Certificate (NOC) लेने की जरूरत को खत्म कर दिया है ताकि मंजूरी की प्रक्रिया आसान हो सके। इस नीति के तहत फ्लैटों की संख्या बढ़ाने की भी अनुमति दी गई है, और अब इसे अंतिम नोटिफिकेशन के लिए Union Ministry of Housing and Urban Affairs के पास भेजा जाएगा।