दिल्ली विकास प्राधिकरण का बड़ा फैसला: दो मंजिला मकानों के पुनर्विकास को मंजूरी और बिल्डिंग अप्रूवल प्रक्रिया आसान

नई दिल्ली में बुधवार, 12 अगस्त 2026 को दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने अपनी दो मंजिला रिहायशी इकाइयों के पुनर्निर्माण और पुनर्विकास की एक व्यापक नीति को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से निवासियों और जनप्रतिनिधियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है, जिससे खाली रिहायशी प्लॉट की तरह ही बने-बनाए यूनिट्स को भी पुनर्विकास के अधिकार मिल गए हैं।
- DDA ने दो मंजिला मकानों के पुनर्विकास को दी मंजूरी।
- बिल्डिंग प्लान अप्रूवल प्रक्रिया को किया गया बेहद आसान।
- दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में हुई बैठक।
- 'Delhi Master Plan 2047' को भी दी गई औपचारिक मंजूरी।
मापदंड और फीस की जानकारी
इन यूनिट्स का पुनर्निर्माण प्रचलित Master Plan Delhi (MPD) के प्रावधानों के तहत किया जाएगा, जिसमें प्लॉट का आकार, स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफ़िकेशन, यूनिफाइड बिल्डिंग बाय-लाॅज, फ्लोर एरिया रेशो (FAR), ग्राउंड कवरेज, ऊंचाई के नियम और फायर सेफ्टी की जरूरतें शामिल होंगी। आवेदकों को प्लॉट के आकार के आधार पर कन्वर्जन चार्ज, बेटरमेंट लेवी (यदि लागू हो) और स्क्रूटनी फीस चुकानी होगी। DDA अधिकारी ने बताया कि Master Plan Delhi-1962 के तहत बनी पुरानी हाउसिंग स्कीमों के कई व्यक्तिगत प्लॉट 50 साल से ज्यादा पुराने हैं और उनकी संरचना कमजोर हो चुकी है।
बिल्डिंग बाय-लाॅज में संशोधन
DDA ने Unified Building Bylaws 2016 में संशोधन को भी मंजूरी दी है, जिससे बिल्डिंग प्लान अप्रूवल की प्रक्रिया सरल हो गई है। अब इसमें दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (Delhi Pollution Control Committee) और दिल्ली जल बोर्ड (Delhi Jal Board) सहित कई विभागों से पहले एनओसी (No Objection Certificate) लेने की अनिवार्यता को हटा दिया गया है।
LG की अध्यक्षता में बैठक और MPD 2047
यह नीति दिल्ली के उपराज्यपाल Taranjit Singh Sandhu की अध्यक्षता में हुई बैठक में मंजूर की गई, जो DDA के चेयरमैन भी हैं। इसी के साथ DDA ने 'Delhi Master Plan 2047' को भी मंजूरी दे दी, जो पहले के MPD 2041 की जगह लेगा और केंद्र सरकार के 'Viksit Bharat 2047' के विजन के अनुरूप है। MPD 2047 आवास, आर्थिक विकास, गतिशीलता, पर्यावरण स्थिरता, बुनियादी ढांचे, विरासत संरक्षण, शहरी पुनर्जीवन और नागरिक-केंद्रित शासन को अपनाता है।
अंतिम अधिसूचना और दायरे का विस्तार
वाइस-चेयरमैन एन. सरवाना कुमार और DDA सदस्य राजीव बब्बर भी इन अनुमोदनों में शामिल रहे, जिन्हें अंतिम जांच के बाद भारत सरकार के आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा औपचारिक रूप से अधिसूचित किया जाना है। शुरुआत में यह नीति Naraina Vihar, Green Park, और Lajpat Nagar जैसी पुरानी हाउसिंग स्कीमों में पुनर्विकास को सक्षम बनाएगी, जिसे बाद में पूरे शहर में विस्तारित करने की योजना है।