DDA ने Master Plan 2047 को दी मंजूरी, Land Pooling से बनेंगे 20 लाख नए घर

Delhi Development Authority (DDA) ने चेयरमैन और Lieutenant Governor Taranjit Singh Sandhu की अगुवाई में आधिकारिक तौर पर Master Plan for Delhi (MPD) 2047 के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी है। इस नए ब्लूप्रिंट का मुख्य केंद्र एक नया Land Pooling Policy है, जिसे शहर की आवास की कमी को दूर करने के लिए तैयार किया गया है। इसके जरिए लगभग 20 lakh new homes का निर्माण किया जाना है। इस योजना को अंतिम अधिसूचना के लिए Ministry of Housing and Urban Affairs के पास भेज दिया गया है, जो शहरी विकास को तेज करने के लिए बड़े बदलाव लाती है (Source)।
प्रमुख नीतिगत संशोधन और नियम
नीति के मुख्य संशोधनों में न्यूनतम सेक्टर विकास क्षेत्र को घटाकर 20 हेक्टेयर करना और जमीन मालिकों के लिए 70% कंसोर्टियम बनाने की अनिवार्य शर्त को हटाना शामिल है, जिससे सीधे तौर पर भाग लेने का मॉडल संभव हो सके। इस ढांचे के तहत, जमीन मालिक सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के लिए अपनी संपत्ति का 40% हिस्सा देते हैं, जबकि 200 के Floor Area Ratio (FAR) के साथ आवासीय और व्यावसायिक विकास के लिए 60% हिस्सा अपने पास रखते हैं। आवास की पहुंच को और सुनिश्चित करने के लिए, योजना में छोटे आवासीय यूनिट्स और स्टूडेंट डॉरमेट्री के लिए विशेष प्रोत्साहन शामिल हैं, जबकि अवैध विकास को हतोत्साहित करने के लिए unauthorized constructions पर अधिक कर लगाए गए हैं (Source)।
जमीन पर प्रगति और क्षेत्रवार विकास
जमीन पर काम पहले ही शुरू हो चुका है, जिसमें DDA ने P-II जोन के Sector 8b में भूमि उपयोग परिवर्तन को मंजूरी दे दी है, जो इन नए प्रावधानों से लाभान्वित होने वाला पहला क्षेत्र है। आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि 6,906 hectares of land को पहले ही पूल किया जा चुका है, जो कुल लक्षित क्षेत्र का 36% से अधिक है। हालांकि इस नीति का स्थानीय हितधारकों द्वारा इसके आर्थिक क्षमता के लिए स्वागत किया गया है, वहीं शहरी योजना विशेषज्ञों ने प्राधिकरण से आग्रह किया है कि वे केवल रियल एस्टेट विकास से आगे बढ़कर सतत विकास सुनिश्चित करने के लिए यूटिलिटीज और नागरिक सेवाओं के लिए एक मजबूत, एकीकृत ढांचे को प्राथमिकता दें (Source)।