DDA ने पास किया Delhi Master Plan 2047, हाउसिंग और यमुना कंजर्वेशन पर रहेगा खास फोकस

दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (DDA) ने 12 अगस्त 2026 को हुई मीटिंग में Master Plan for Delhi-2047 को मंजूरी दे दी है। यह मीटिंग Lieutenant-Governor Taranjit Singh Sandhu की अध्यक्षता में हुई थी, जिसने पुराने Master Plan for Delhi-2041 की जगह ली है। यह नया प्लान सेंट्रल गवर्नमेंट के "Viksit Bharat@2047" विजन के तहत लाया गया है, जिसका उद्देश्य सस्टेनेबल ग्रोथ और ईज ऑफ लिविंग है। इस प्लान को अब फाइनल अप्रूवल और ऑफिशियल नोटिफिकेशन के लिए Ministry of Housing and Urban Affairs के पास भेजा जाएगा, जिसकी अधिक जानकारी DDA की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
हाउसिंग और रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स
यह नया मास्टर प्लान 2047 तक दिल्ली की आबादी में होने वाली बढ़ोतरी को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इस प्लान के तहत लगभग 20 लाख नए फ्लैट्स का निर्माण किया जाएगा और सीमित जमीन पर बेहतर हाउसिंग के लिए वर्टिकल डेवलपमेंट को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा, अनधिकृत कॉलोनियों का रीडेवलपमेंट, स्लम ड्वेलर्स के लिए "in-situ" रिहैबिलिटेशन, पुराने DDA रेजिडेंशियल यूनिट्स के पुनर्निर्माण के लिए नई पॉलिसी और शहर के बाहरी इलाकों के 70 गांवों में कमर्शियल निर्माण की अनुमति देने के प्रावधान शामिल किए गए हैं।
पर्यावरण संरक्षण और यमुना सफाई
प्लान में एनवायरनमेंटल सस्टेनेबिलिटी को मुख्य महत्व दिया गया है, जिसमें यमुना नदी की सफाई और कायाकल्प के लिए विशेष रणनीतियां बनाई गई हैं। यमुना फ्लड प्लेन को वेकेंट और रिक्रिएशनल जोन में बांटा जाएगा और ड्यूल पाइपिंग सिस्टम के जरिए ट्रीटेड वाटर के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही, "lungs of the city" कहे जाने वाले दिल्ली रिज (Delhi Ridge) के संरक्षण के उपाय भी शामिल हैं। हालांकि, Lieutenant-Governor Sandhu द्वारा सस्टेनेबल अर्बन ग्रोथ पर जोर दिए जाने के बावजूद, कुछ एक्सपर्ट्स ने इस अप्रूवल प्रोसेस में पब्लिक पार्टिसिपेशन के लेवल पर चिंता जताई है।