यमुना किनारे टहलने और साइकिल चलाने का मजा, DDA ने 52 किमी लंबे कॉरिडोर के लिए मांगे टेंडर

DDA ने यमुना किनारे 52 किमी लंबे साइकिलिंग और वॉकिंग कॉरिडोर के लिए टेंडर जारी किए हैं। जानें इस प्रोजेक्ट की खासियतें।

Kittu Kumari26 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
यमुना किनारे टहलने और साइकिल चलाने का मजा, DDA ने 52 किमी लंबे कॉरिडोर के लिए मांगे टेंडर

दिल्ली के लोगों के लिए जल्द ही यमुना का किनारा और भी खूबसूरत और सुलभ होने वाला है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने दिल्ली मास्टर प्लान 2047 के तहत एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की शुरुआत कर दी है। DDA ने यमुना रिवरफ्रंट पर 52 किलोमीटर लंबे साइकिलिंग और वॉकिंग कॉरिडोर के निर्माण के लिए आधिकारिक तौर पर टेंडर आमंत्रित किए हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहर में ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देना और लोगों का जुड़ाव नदी के तटों से बढ़ाना है।

इस बड़े प्रोजेक्ट को तीन चरणों में पूरा किया जाएगा, जिसमें पहले चरण का काम शुरू होने जा रहा है। पहले फेज में पुराने रेलवे ब्रिज से लेकर नेशनल हाईवे 9 (NH-9) तक करीब 24 किलोमीटर लंबे हिस्से का निर्माण होगा। इस शुरुआती चरण पर लगभग 16.4 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। अधिकारियों का मानना है कि एक बार काम शुरू होने के बाद, इसे पूरा करने में छह से सात महीने का समय लगेगा। टेंडर प्रक्रिया के तहत 30 अक्टूबर 2026 को प्री-बिड मीटिंग होगी और 13 नवंबर 2026 तक bids जमा करने की समय सीमा तय की गई है।

पर्यावरण का रखा जाएगा खास ख्याल और मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

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प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि इसे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना डिजाइन किया गया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की मंजूरी के बाद रूट में कई बदलाव किए गए हैं, ताकि नदी के संवेदनशील किनारों को छुआ न जाए। इसके बजाय, मौजूदा तटबंधों और रास्तों का इस्तेमाल किया जाएगा और निर्माण में ऐसी सामग्रियों (permeable materials) का उपयोग होगा जो प्राकृतिक लैंडस्केप के साथ घुल-मिल जाएं।

इस कॉरिडोर पर चलने वालों और साइकिल चलाने वालों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिनमें शामिल हैं:

  • सोलर पावर से चलने वाली लाइट्स और LED इंस्टॉलेशन।
  • साइकिल पार्किंग के लिए समर्पित जगह।
  • छायादार विश्राम क्षेत्र और रिवर व्यूइंग डेक।
  • रास्ता दिखाने के लिए बेहतर वे-फाइंडिंग सिस्टम।

यह कॉरिडोर शहर के कई प्रमुख सार्वजनिक स्थानों जैसे बांसेरा, असिता, यमुना वाटिका और कालिंदी बायोडायवर्सिटी पार्क को आपस में जोड़ेगा। इसके अलावा, दिल्ली सरकार इस पूरे रिवरफ्रंट डेवलपमेंट को साबरमती रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट की तर्ज पर विकसित करने के लिए साबरमती रिवरफ्रंट डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के साथ एक समझौता (MoU) करने की तैयारी कर रही है।

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