DCW ने JNU में यौन उत्पीड़न के आरोपों पर लिया कड़ा एक्शन, कुलपति को भेजा नोटिस

दिल्ली महिला आयोग (DCW) ने 14 सितंबर 2026 को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में एक प्रोफेसर के खिलाफ लगभग ग्यारह छात्राओं द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों पर स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग का यह हस्तक्षेप सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो के बाद सामने आया है, जिसमें छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर कार्रवाई न करने और आरोपी शिक्षक को बचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। इस मामले की पूरी जानकारी ANI News के माध्यम से सामने आई है।
रिपोर्ट के अनुसार, छात्राओं ने सबसे पहले मई 2026 में JNU के कुलपति और विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) के पास शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद 45 दिनों के सेमेस्टर ब्रेक के बाद जुलाई 2026 में कक्षाएं फिर से शुरू हुईं, जिस दौरान प्रोफेसर के खिलाफ और शिकायतें सामने आईं। इन तमाम घटनाक्रमों के जवाब में, DCW अध्यक्ष लता गुप्ता ने छात्राओं को न्याय दिलाने के लिए शिकायतों के त्वरित और निष्पक्ष निपटान की आवश्यकता पर जोर दिया है।
दिल्ली महिला आयोग ने JNU के कुलपति को औपचारिक रूप से नोटिस जारी किया है। प्रशासन को तीन दिन के भीतर एक विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया है। इस रिपोर्ट में जांच की स्थिति का विवरण देना अनिवार्य है। साथ ही यह स्पष्ट करना होगा कि क्या मामले को POSH अधिनियम के तहत गठित ICC को भेजा गया था और अब तक कोई प्रगति न होने के कारणों का स्पष्टीकरण भी देना होगा।
DCW ने यह स्पष्ट किया है कि वह इस स्तर पर इन आरोपों को स्थापित तथ्यों के रूप में नहीं मान रहा है। आयोग कार्यवाही की वर्तमान स्थिति का पता लगाने के लिए विश्वविद्यालय से केवल एक तथ्यात्मक रिपोर्ट मांग रहा है।