DC School Cup की वापसी: दिल्ली-NCR की 38 टीमें दिखाएंगी दम, दिल्ली कैपिटल्स ने बढ़ाया स्तर

Kittu Kumari10 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
DC School Cup की वापसी: दिल्ली-NCR की 38 टीमें दिखाएंगी दम, दिल्ली कैपिटल्स ने बढ़ाया स्तर

दिल्ली कैपिटल्स (DC) ने युवा क्रिकेटरों के लिए एक बार फिर बड़े मंच की तैयारी कर ली है। पिछले साल की जबरदस्त सफलता के बाद, DC School Cup 2026 के दूसरे संस्करण का आगाज 9 अक्टूबर से हो गया है। इस बार टूर्नामेंट का दायरा पहले से कहीं ज्यादा बड़ा है, जिसमें दिल्ली-NCR के स्कूलों की कुल 38 टीमें हिस्सा ले रही हैं। इनमें लड़कों की 32 और लड़कियों की 6 टीमें शामिल हैं, जो अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए मैदान पर उतरेंगी।

इस प्रतियोगिता को इस तरह डिजाइन किया गया है कि युवा खिलाड़ियों को पेशेवर क्रिकेट का अनुभव मिल सके। कुल 66 मैच चार अलग-अलग वेन्यू पर खेले जाएंगे। पिछले साल जहां केवल 20 टीमें थीं, वहीं इस बार संख्या बढ़कर 38 हो गई है। लीग और नॉकआउट फॉर्मेट के जरिए यह मुकाबला आगे बढ़ेगा और नवंबर की शुरुआत में इसका ग्रैंड फिनाले होगा। खास बात यह है कि सभी स्कूलों के खिलाड़ी रंगीन किट्स में नजर आएंगे और टूर्नामेंट के अंतिम चरणों में लाइव कमेंट्री और म्यूजिक का तड़का भी लगेगा।

टैलेंट को मिलेगा मौका: DC Future XI की एंट्री

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दिल्ली कैपिटल्स का यह प्रयास सिर्फ एक टूर्नामेंट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उभरते सितारों के लिए एक रास्ता (Pathway) तैयार कर रहा है। पिछले सीजन में इस कप के दो खिलाड़ी दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) के तीसरे सीजन के लिए चुने गए थे। इसी सफलता को देखते हुए इस साल 'DC Future XI' की शुरुआत की गई है, जिसके जरिए टूर्नामेंट के बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पहचाना जाएगा। इसके अलावा, 10 भाग्यशाली युवाओं को दिल्ली कैपिटल्स के प्रोफेशनल ट्रेनिंग सेशन का हिस्सा बनने का मौका भी मिलेगा।

दिल्ली कैपिटल्स के सीईओ सुनील गुप्ता ने इस मौके पर कहा कि पहले संस्करण ने यह साबित कर दिया था कि दिल्ली-NCR के युवाओं में क्रिकेट के प्रति कितना जुनून है। उन्होंने बताया कि इस साल का मकसद टूर्नामेंट को बड़ा बनाने के साथ-साथ हर बच्चे के अनुभव को खास बनाना है। वे चाहते हैं कि युवा खिलाड़ी पेशेवर टीम के माहौल को करीब से देखें और महसूस करें।

टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले एक 'कैप्टन्स मीट' भी आयोजित की गई, जिसमें सभी स्कूलों के कप्तानों को उनकी आधिकारिक किट्स सौंपी गईं। मैचों के दौरान मेडिकल सपोर्ट, समर्पित प्लेयर एरिया और प्रोफेशनल ब्रांडिंग जैसी सुविधाएं दी जाएंगी, ताकि खिलाड़ियों को एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्पोर्ट्स वातावरण का अनुभव हो सके।

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