दिल्ली के अस्पताल में कमाल: da Vinci 5 रोबोट से एक दिन में की गईं 5 जटिल कैंसर सर्जरी
द्वारका के एक अस्पताल में da Vinci 5 सिस्टम की मदद से एक ही दिन में कैंसर की 5 जटिल सर्जरी की गईं। जानें कैसे काम करती है यह तकनीक।

दिल्ली के द्वारका स्थित एक निजी अस्पताल ने चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यहाँ डॉक्टरों की टीम ने आधुनिक da Vinci 5 रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम का उपयोग करते हुए महज एक दिन के भीतर कैंसर की पांच बेहद जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी कीं। यह कदम कैंसर के इलाज में रोबोटिक तकनीक की बढ़ती ताकत और सटीकता को दर्शाता है।
इन सभी ऑपरेशनों का नेतृत्व मणिपाल कॉम्प्रिहेंसिव कैंसर सेंटर और ऑन्को रोबोटिक सर्जरी (नॉर्थ वेस्ट क्लस्टर) के चेयरमैन डॉ. सुरेंद्र कुमार डबास और उनकी टीम ने किया। खास बात यह है कि ये पांचों सर्जरी अलग-अलग अंगों के कैंसर से जुड़ी थीं, जिसमें जीभ, पित्त की थैली (gallbladder), मूत्राशय (urinary bladder) और एंडोमेट्रियम (गर्भाशय की परत) का कैंसर शामिल था।
किन्हें मिली नई जिंदगी और क्या थी चुनौतियां?
सर्जरी की सूची पर नजर डालें तो इसमें 52 वर्षीय एक पुरुष की जीभ के कैंसर के लिए 'रोबोटिक नेक डिसेक्शन' किया गया, जिसमें गर्दन के लिम्फ नोड्स को हटाया गया। इसके अलावा, 60 वर्षीय महिला की पित्त की थैली के कैंसर के लिए 'रैडिकल कोलेसिस्टेक्टोमी' और 73 वर्षीय पुरुष के मूत्राशय के कैंसर के लिए 'रैडिकल सिस्टेक्टोमी' की गई। साथ ही, 50 और 53 वर्ष की दो महिलाओं की एंडोमेट्रियल कैंसर की सर्जरी भी सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
डॉ. सुरेंद्र कुमार डबास के मुताबिक, जब ट्यूमर शरीर के नाजुक हिस्सों, महत्वपूर्ण अंगों या रक्त वाहिकाओं के करीब होते हैं, तो सर्जरी काफी चुनौतीपूर्ण हो जाती है। ऐसे में रोबोटिक तकनीक सर्जन को बेजोड़ सटीकता और 3D विजुअलाइजेशन प्रदान करती है, जिससे ट्यूमर को निकालना आसान हो जाता है और मरीज को कम तकलीफ होती है।
da Vinci 5 सिस्टम की खासियतें:
- इसमें 150 से अधिक नए डिजाइन सुधार किए गए हैं।
- बेहतर 3D विजुअलाइजेशन और इंस्ट्रूमेंट कंट्रोल की सुविधा।
- 'फोर्स फीडबैक' तकनीक, जिससे सर्जन को ऊतकों (tissues) पर पड़ने वाले दबाव का अहसास होता है।
- छोटे चीरे, खून की कम कमी और रिकवरी में तेजी।
इस तकनीक की मदद से स्वस्थ ऊतकों को नुकसान पहुंचाए बिना जटिल ऑपरेशन किए जा सकते हैं, जिससे मरीज को ऑपरेशन के बाद कम दर्द होता है और वे जल्दी ठीक हो पाते हैं।