चक्रवात मुरसु का आंध्र प्रदेश में लैंडफॉल, अब तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की चेतावनी
आंध्र प्रदेश में लैंडफॉल के बाद चक्रवात मुरसु कमजोर हुआ है, लेकिन तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

आंध्र प्रदेश के तट पर दस्तक देने के बाद अब चक्रवात मुरसु का असर धीरे-धीरे कम होने लगा है। 2 नवंबर की रात और 3 नवंबर की सुबह के बीच नेल्लोर और नरसापुर के पास ओंगोल क्षेत्र में लैंडफॉल के बाद यह तूफान कमजोर पड़ गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, जो तूफान पहले एक गंभीर चक्रवाती तूफान था, वह अब केवल एक चक्रवाती तूफान रह गया है और उम्मीद है कि 4 नवंबर की शाम तक यह और कमजोर होकर एक डिप्रेशन में बदल जाएगा।
लैंडफॉल के समय इस तूफान की रफ्तार बेहद डरावनी थी। 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं ने आंध्र प्रदेश में भारी तबाही मचाई। इस चक्रवात की वजह से बिजली के खंभे उखड़ गए, पेड़ धराशायी हो गए और किसानों की खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं। फिलहाल स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं ताकि जल्द से जल्द स्थिति को सामान्य किया जा सके।
इन राज्यों में रहेगा मौसम का खतरा
भले ही तूफान की तीव्रता कम हो रही हो, लेकिन इसका खतरा अभी टला नहीं है। IMD ने चेतावनी जारी की है कि जैसे-जैसे यह सिस्टम उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा, 4 नवंबर को आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा ओडिशा, कर्नाटक और केरल में भी रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
वहीं अगर दिल्ली की बात करें, तो वहां मौसम साफ रहने की उम्मीद है और बारिश का कोई खतरा नहीं है। हालांकि, सुबह के समय धुंध और कोहरे जैसी स्थिति बन सकती है, जिससे दृश्यता कम हो सकती है।