चक्रवात मुरसु का कहर: दक्षिण भारत में भारी बारिश, उत्तर भारत में बढ़ेगी ठंड
चक्रवात मुरसु के कारण दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश और अलर्ट जारी है, जबकि उत्तर भारत में तापमान गिरने की संभावना है।

देश के मौसम में इस समय बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। गंभीर चक्रवाती तूफान चक्रवात मुरसु का असर अब दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश के रूप में दिख रहा है, जबकि उत्तर भारत के राज्यों में धीरे-धीरे ठंड की दस्तक होने वाली है। यह तूफान 2 नवंबर की देर रात और 3 नवंबर की सुबह आंध्र प्रदेश तट पर ओंगोल के पास नेलोर और नरसापुर के बीच टकराया, जिसने तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाई।
तूफान के दौरान हवाओं की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक रही, जबकि कुछ जगहों पर यह 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। हालांकि, अब यह सिस्टम कमजोर होकर 'डीप डिप्रेशन' में बदल गया है और अंदरूनी इलाकों की ओर बढ़ रहा है।
दक्षिण भारत में अलर्ट और उत्तर भारत में मौसम का मिजाज
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, इस चक्रवात की वजह से आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। प्रशासन ने विशेष रूप से आंध्र प्रदेश के बापटला, गुंटूर, एनटीआर, कृष्णा, एलुरु, पलनाडू, प्रकाशम और एसपीएसआर नेलोर जैसे जिलों में अचानक आने वाली बाढ़ (फ्लैश फ्लडिंग) को लेकर अलर्ट जारी किया है। साथ ही, मछुआरों को पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और आंध्र प्रदेश तट से दूर रहने की सख्त सलाह दी गई है।
दूसरी तरफ, इस चक्रवाती सिस्टम के प्रभाव से उत्तर भारत के मौसम में भी बदलाव आ रहा है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पंजाब में तापमान गिरने की उम्मीद है, जिससे अब ठंड बढ़ना शुरू हो जाएगी। हालांकि, 4 नवंबर को दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने और सुबह के समय धुंध छाने की संभावना है, लेकिन आने वाले दिनों में पारा लगातार नीचे गिरेगा। इसके अलावा मध्य प्रदेश और झारखंड जैसे राज्यों में भी इस तूफान के कारण वायुमंडलीय अस्थिरता देखी जा सकती है, जिससे वहां के मौसम में बदलाव आएगा।