चक्रवात मुरासु का खतरा: दिल्ली समेत 16 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, आंध्र प्रदेश में रेड अलर्ट
चक्रवात मुरासु के कारण दिल्ली समेत 16 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी। आंध्र प्रदेश में रेड अलर्ट और स्कूल-कॉलेज बंद।

देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बिगड़ने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बने एक कम दबाव के क्षेत्र की वजह से 'मुरासु' नाम का चक्रवात अब 'गंभीर चक्रवाती तूफान' (Severe Cyclonic Storm) में बदल गया है। इस तूफान के असर से दिल्ली, उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा समेत कुल 16 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। हैरान करने वाली बात यह है कि एक ही हफ्ते के भीतर यह दूसरा चक्रवाती तूफान है, जिससे प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
आंध्र प्रदेश में तबाही की आशंका, स्कूल-कॉलेज बंद
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, यह चक्रवात 2 नवंबर की आधी रात और 3 नवंबर की सुबह 4 बजे के बीच आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट पर नेल्लोर और नरसापुर (ओंगोल के पास) के बीच लैंडफॉल कर सकता है। लैंडफॉल के दौरान हवाओं की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की उम्मीद है, जबकि झोंके 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक जा सकते हैं।
तूफान की गंभीरता को देखते हुए आंध्र प्रदेश के पांच जिलों—कृष्णा, गुंटूर, बापटला, प्रकाशम और एस.पी.एस. नेल्लोर में भारी से अति भारी बारिश के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तेलंगाना में भी भारी बारिश की संभावना है। ओडिशा और तमिलनाडु के तटीय इलाकों के लिए भी एहतियाती अलर्ट जारी किया गया है।
खतरे को देखते हुए तमिलनाडु के चेन्नई और तिरुवल्लूर, साथ ही आंध्र प्रदेश के गुंटूर में स्कूल और कॉलेजों को बंद करने के आदेश दिए गए हैं। मद्रास यूनिवर्सिटी ने भी अपनी परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने जिला प्रशासन को पूरी तरह तैयार रहने और एसओपी (SOP) का पालन करने के निर्देश दिए हैं। निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त चेतावनी दी गई है। बता दें कि 'मुरासु' का अर्थ 'युद्ध का ढोल' होता है, और चक्रवात 'अर्नब' के ठीक बाद आए इस तूफान ने तटीय क्षेत्रों में डर का माहौल बना दिया है।