चक्रवात अर्नब बना बेहद गंभीर तूफान, आंध्र तट पर लैंडफॉल की चेतावनी
चक्रवात अर्नब अब एक बेहद गंभीर तूफान बन गया है। आंध्र तट पर लैंडफॉल के बाद उत्तर प्रदेश और नेपाल में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवात अर्नब अब एक बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल चुका है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, यह तूफान 28 अक्टूबर 2026 की दोपहर तक आंध्र प्रदेश और यानम तट के बीच, विशेष रूप से बापटला और विशाखापट्टनम के इलाकों में टकरा सकता है। इस तूफान की रफ्तार काफी तेज है, जिसमें हवाएं 115-125 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं और उनके झोंके 140 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
खतरे की गंभीरता को देखते हुए तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के लिए 'रेड मैसेज' चेतावनी जारी की गई है। मछुआरों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे 29 अक्टूबर तक समुद्र में न जाएं। इस आपदा से निपटने के लिए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कमर कस ली है। उन्होंने 15 NDRF टीमों को तैनात किया है और राहत कार्यों के लिए 27 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। वहीं, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भी तैयारी तेज कर दी है, जिसमें 3,000 गर्भवती महिलाओं समेत संवेदनशील लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और आपातकालीन तैयारियों के लिए 19 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
उत्तर प्रदेश और नेपाल में भारी बारिश का खतरा
तूफान का असर सिर्फ तटों तक सीमित नहीं रहेगा। लैंडफॉल के बाद इस सिस्टम के अवशेष उत्तर भारत और नेपाल की ओर बढ़ेंगे, जहां यह एक पश्चिमी विक्षोभ (western disturbance) से टकरा सकता है। इसकी वजह से 29 अक्टूबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है, जिसके लिए 29 और 30 अक्टूबर को 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है। नेपाल में भी 29 अक्टूबर से 2 नवंबर तक भारी बारिश का अनुमान है।
सावधानी के तौर पर साउथ कोस्ट रेलवे ने 53 ट्रेनों को रद्द कर दिया है। दिल्ली-NCR की बात करें तो 27 अक्टूबर को आसमान साफ रहने की उम्मीद है, लेकिन 28 और 29 अक्टूबर को बारिश की 10-15% संभावना जताई गई है। कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन की अध्यक्षता में राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं और सार्वजनिक सुरक्षा के समन्वय में जुटी हुई है।