चक्रवात अर्नब कमजोर पड़ा, लेकिन IMD ने 12 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया
चक्रवात अर्नब अब गहरे अवसाद में बदल गया है, लेकिन IMD ने 12 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जानें अपने शहर का हाल।

आंध्र प्रदेश और यनम तट से टकराने के बाद चक्रवात अर्नब (Cyclone Arnab) अब कमजोर होकर 'डीप डिप्रेशन' में बदल गया है। हालांकि इसकी तीव्रता कम हुई है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि यह सिस्टम अब उत्तर की ओर बढ़ रहा है, जिससे देश के 12 राज्यों में भारी बारिश होने की पूरी संभावना है।
वर्तमान में यह चक्रवात दक्षिण छत्तीसगढ़ और दक्षिण ओडिशा के ऊपर केंद्रित है। मौसम विभाग के मुताबिक, आज शाम तक इसके और कमजोर होकर 'वेल-मार्क्ड लो प्रेशर एरिया' में बदलने की उम्मीद है। लेकिन इस बदलाव के बावजूद कई राज्यों में मौसम बिगड़ने का अनुमान है। 30 अक्टूबर को दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 50-70 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि दिल्ली-NCR के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
तबाही का मंजर और राहत कार्य
इस चक्रवात ने दक्षिण भारत में भारी तबाही मचाई है। आंध्र प्रदेश में मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बाढ़ प्रभावित धान, केले और नारियल के बागानों का हवाई सर्वेक्षण किया। राज्य में अब तक 5 लोगों की जान जा चुकी है और करीब 30 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। श्रीकाकुलम जिले में तो महज 24 घंटे में 250 मिमी बारिश दर्ज की गई।
ओडिशा की स्थिति भी चिंताजनक है, जहां गंजम जिले में बहुदा नदी खतरे के निशान को पार कर गई है। यहां करीब 2,000 लोग अलग-थलग पड़ गए हैं, जिन्हें बचाने के लिए तटरक्षक बल (Coast Guard) के हेलीकॉप्टरों से 100 ग्रामीणों को एयरलिफ्ट करने की योजना है। राज्य में 30,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और 10,450 हेक्टेयर से अधिक फसल बर्बाद हो गई है।
केंद्र सरकार भी इस स्थिति पर नजर रखे हुए है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पुडुचेरी के मुख्यमंत्रियों से बात कर उन्हें हर संभव केंद्रीय सहायता का भरोसा दिलाया है।
इस मौसम की मार का असर यातायात पर भी पड़ा है। हावड़ा-चेन्नई रूट पर रेलवे पुलों के डूबने के कारण 9 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा है और 14 ट्रेनों के रूट बदले गए हैं।
इतना ही नहीं, मौसम विभाग ने एक नई चेतावनी भी जारी की है। 31 अक्टूबर तक दक्षिण अंडमान सागर में एक नया कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है, जिसके डिप्रेशन में बदलकर फिर से आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ने की आशंका है।