चक्रवात अर्नब बना भीषण तूफान, आंध्र प्रदेश के तट पर लैंडफॉल की चेतावनी
चक्रवात अर्नब अब भीषण तूफान बन चुका है। आंध्र प्रदेश में लैंडफॉल की संभावना के बीच NDRF तैनात और हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला गया।

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात अर्नब का अलर्ट अब गंभीर हो गया है। पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में यह तूफान अब एक 'अति भीषण चक्रवाती तूफान' में बदल चुका है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, यह तूफान 28 अक्टूबर 2026 की सुबह आंध्र प्रदेश के तट पर, विशेष रूप से यानम के पास बापटला और विशाखापट्टनम के बीच दस्तक दे सकता है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने की संभावना है, जबकि झोंके 150 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार छू सकते हैं।
तैयारियां तेज: NDRF तैनात और हजारों लोगों का रेस्क्यू
तूफान की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। आंध्र प्रदेश सरकार ने 20 जिलों में राहत कार्यों के लिए 27 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। सुरक्षा के मद्देनजर NDRF की 15 टीमों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है और अब तक करीब 89,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।
समुद्र तटीय इलाकों में खतरा बढ़ता देख मछली पकड़ने वाले लोगों को अगले दो दिनों तक पश्चिम-मध्य, उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में न जाने की सख्त सलाह दी गई है। मचीलीपटनम और निज़मपटनम बंदरगाहों के लिए 'ग्रेट डेंजर 8' (GD-8) की चेतावनी जारी की गई है, जबकि कलिंगपट्टनम, कृष्णपट्टनम और वदारेवु बंदरगाहों के लिए 'लोकल कॉशनरी 3' (LC-3) चेतावनी जारी है।
इस प्राकृतिक आपदा का असर परिवहन और पर्यटन पर भी दिख रहा है। 27 और 28 अक्टूबर को चलने वाली 53 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। ओडिशा के कई जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं और चिल्का झील में माँ कालीजाई मंदिर जाने वाली नाव सेवाओं को रोक दिया गया है। वहीं, बापटला के सूर्यलंका बीच को पर्यटकों के लिए दो दिनों तक बंद रखा गया है।
भारी बारिश का अनुमान केवल आंध्र प्रदेश ही नहीं, बल्कि यानम, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी जताया गया है। वहीं, नेपाल में भारी बारिश और हिमस्खलन के खतरे को देखते हुए पर्यटकों को ऊंचाई वाले इलाकों में न जाने की चेतावनी दी गई है।
दिलचस्प बात यह है कि इस चक्रवात के कारण हवाओं के पैटर्न में बदलाव आया है, जिससे दिल्ली-NCR के वायु प्रदूषण में सुधार देखा जा रहा है और आने वाले समय में प्रदूषण से और राहत मिलने की उम्मीद है।