रामलीला मैदान रैली से 20 लाख व्यापारियों की रोजी-रोटी पर संकट, CTI ने खड़गे से की तारीख बदलने की मांग
CTI चेयरमैन ने मल्लिकार्जुन खड़गे से 1 नवंबर की रैली को दिवाली के बाद करने की अपील की है, ताकि व्यापारियों को नुकसान न हो।

दिल्ली के व्यापारियों में इस समय भारी चिंता है। चेंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से अपील की है कि 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली 'INDIA' गठबंधन की रैली को दिवाली के बाद के किसी दिन के लिए टाल दिया जाए। व्यापारियों का कहना है कि त्योहारों के इस पीक सीजन में इतनी बड़ी रैली से व्यापार ठप हो जाएगा और लाखों लोगों की आजीविका प्रभावित होगी।
बृजेश गोयल ने अपनी चिंताओं को साझा करते हुए कहा कि रामलीला मैदान के 5 किलोमीटर के दायरे में करीब 20 बड़े थोक बाजार हैं। यहाँ से रोजाना करोड़ों रुपये का माल देश-विदेश भेजा जाता है। उनका दावा है कि जहाँ मैदान की क्षमता केवल 50 हजार लोगों की है, वहीं रैली में 10 लाख लोगों के आने की बात कही जा रही है। ऐसी स्थिति में पूरा बुनियादी ढांचा और परिवहन व्यवस्था चरमरा सकती है।
बाजार बंद होने से 10 हजार करोड़ के नुकसान का डर
CTI चेयरमैन के मुताबिक, सुरक्षा कारणों से पुलिस बाजारों को बंद कर सकती है, मेट्रो स्टेशन बंद किए जा सकते हैं और जगह-जगह बैरिकेडिंग की जा सकती है। इससे उन 3 से 4 लाख ग्राहकों का आना मुश्किल हो जाएगा जो रोजाना इन बाजारों में खरीदारी के लिए आते हैं। गोयल ने चेतावनी दी कि पिछले 25 दिनों में व्यापारिक क्षेत्र पहले ही 3,000 करोड़ रुपये का नुकसान झेल चुका है और इस रैली की वजह से यह नुकसान 10,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
व्यापारिक संगठन ने इस संबंध में राहुल गांधी को भी पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि रैली को 10 नवंबर के बाद रखा जाए, क्योंकि 6 नवंबर को धनतेरस, 8 नवंबर को दिवाली और 10 नवंबर को भाई दूज है।
दूसरी ओर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पटना में पत्रकारों से बात करते हुए संकेत दिया था कि वे व्यापारियों की अपील पर विचार करेंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे जल्द ही कोई समाधान निकालेंगे क्योंकि उनकी गतिविधियां जनता के हित के लिए ही हैं। अब CTI ने उम्मीद जताई है कि 'INDIA' गठबंधन की अगली बैठक में इस रैली को दिवाली के बाद शिफ्ट करने का प्रस्ताव पारित किया जाएगा।