दिवाली सीजन में व्यापार ठप! CTI ने दिल्ली पुलिस से 11 नवंबर तक विरोध प्रदर्शनों पर रोक लगाने की मांग की

व्यापारिक नुकसान से परेशान CTI ने दिल्ली पुलिस से 11 नवंबर तक रैलियों और प्रदर्शनों पर रोक लगाने की मांग की है।

Kittu Kumari3 November 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिवाली सीजन में व्यापार ठप! CTI ने दिल्ली पुलिस से 11 नवंबर तक विरोध प्रदर्शनों पर रोक लगाने की मांग की

देश की राजधानी दिल्ली में लगातार होने वाले विरोध प्रदर्शनों और रैलियों ने व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। व्यापारिक संस्था 'चेंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री' (CTI) ने अब इस समस्या के समाधान के लिए दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार से गुहार लगाई है। CTI ने मांग की है कि भाई दूज (11 नवंबर) तक शहर में किसी भी तरह की रैली, विरोध मार्च या प्रदर्शन की अनुमति न दी जाए, ताकि त्योहारी सीजन में व्यापार सुचारू रूप से चल सके।

CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन को सौंपे गए पत्र में बताया गया है कि पिछले एक महीने में विरोध प्रदर्शनों और ट्रैफिक जाम की वजह से दिल्ली के व्यापारियों को करीब 14,000 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है। इसमें सबसे ज्यादा असर 1 नवंबर को रामलीला मैदान में हुई रैली का रहा, जिसकी वजह से अकेले उस दिन करीब 11,000 करोड़ रुपये का व्यापारिक नुकसान होने का अनुमान है।

त्योहारी सीजन में व्यापार बचाने की चुनौती

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व्यापारियों का कहना है कि नवंबर का महीना उनके लिए साल का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। 6 नवंबर को धनतेरस और 8 नवंबर को दिवाली जैसे बड़े त्योहार हैं। ऐसे में अगर शहर के मुख्य इलाकों में प्रदर्शन जारी रहे, तो ग्राहकों का बाजारों तक पहुंचना मुश्किल हो जाएगा, जिससे पूरे साल की कमाई दांव पर लग जाएगी।

CTI ने दिल्ली पुलिस के सामने अपनी मुख्य मांगें रखी हैं:

  • कनॉट प्लेस, जंतर मंतर, रामलीला मैदान, इंडिया गेट, राजघाट और दिल्ली गेट जैसे केंद्रीय इलाकों में 11 नवंबर तक किसी भी नए विरोध प्रदर्शन की अनुमति न दी जाए।
  • प्रदर्शनकारियों के लिए शहर के बाहरी इलाकों जैसे बुराड़ी, अलीपुर, जसौला या यमुना खादर में स्थायी विरोध स्थल तय किए जाएं, ताकि मुख्य शहर का ट्रैफिक और पार्किंग प्रभावित न हो।

व्यापारिक संगठन ने इस मुद्दे पर एक सख्त चेतावनी भी दी है। CTI ने कहा है कि अगर प्रदर्शनों के कारण व्यापार में बाधा आती रही, तो व्यापारी विरोध स्वरूप अपनी दुकानों की चाबियां इन प्रदर्शनों के आयोजकों को सौंप सकते हैं। व्यापारियों का मानना है कि साल के सबसे व्यस्त समय में इस तरह की अव्यवस्था अब बर्दाश्त से बाहर हो चुकी है।

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