दिल्ली: महिला प्रदर्शनकारियों के साथ बदसलूकी पर CRPF अधिकारी ने दर्ज कराई शिकायत

देश की राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन कर रही महिलाओं के साथ कथित तौर पर किए गए दुर्व्यवहार का मामला अब गरमा गया है। मणिपुर में तैनात CRPF के असिस्टेंट कमांडेंट राहुल सोलंकी ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW), राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) और दिल्ली पुलिस कमिश्नर को औपचारिक शिकायत भेजी है। राहुल सोलंकी, जो पहले भी विभाग के भीतर वित्तीय अनियमितताओं को उजागर करने के लिए जाने जाते हैं, ने एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर यह कदम उठाया है।
यह पूरी शिकायत सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और रिपोर्ट्स पर आधारित है। सोलंकी ने अपनी शिकायत में तीन वीडियो का जिक्र किया है, जिनमें सुरक्षा बलों और पुलिसकर्मियों को महिला प्रदर्शनकारियों के साथ अनुचित व्यवहार करते हुए दिखाया गया है। विशेष रूप से 10 अक्टूबर 2026 की एक घटना का उल्लेख किया गया है, जिसमें मंडी हाउस के पास एक पुरुष CRPF अधिकारी द्वारा एक महिला वकील के साथ बदसलूकी करने का आरोप है। इसके अलावा, प्रदर्शनों के दौरान छात्राओं को शारीरिक रूप से निशाना बनाने और पुरुष अधिकारियों द्वारा महिलाओं को जबरन हिरासत में लेने की तस्वीरों ने जनता के बीच भारी आक्रोश पैदा किया है।
निष्पक्ष जांच और जेंडर सेंसिटिविटी ट्रेनिंग की मांग
राहुल सोलंकी ने अपनी याचिका में मांग की है कि सुरक्षाकर्मियों के इस व्यवहार की निष्पक्ष जांच की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि वायरल वीडियो फर्जी या भ्रामक पाए जाते हैं, तो उन्हें फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाएं। सोलंकी ने दिल्ली पुलिस और संबंधित आयोगों से आग्रह किया है कि सुरक्षा बलों के लिए 'जेंडर-सेंसिटिविटी ट्रेनिंग' अनिवार्य की जाए, ताकि भविष्य में नागरिक विरोध प्रदर्शनों के दौरान महिलाओं की गरिमा और कानूनी अधिकारों की रक्षा हो सके।
गौरतलब है कि दिल्ली में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के व्यवहार को लेकर पहले से ही सवाल उठ रहे हैं। 8 अक्टूबर 2026 को NHRC ने जंतर मंतर पर 3 अक्टूबर को तीन महिला पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में स्वतः संज्ञान लिया था और दिल्ली पुलिस कमिश्नर से दो हफ्ते में रिपोर्ट मांगी है। साथ ही, दिल्ली हाई कोर्ट ने भी जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शनों पर लगाई गई पाबंदियों को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई करने का फैसला किया है, जिसमें शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को दबाने की चिंता जताई गई है।