नवी मुंबई में क्रेडाई एमसीएचआई यूथ एनएमआर ने वाशी के सिडको प्रदर्शनी केंद्र में 'ईज ऑफ डूइंग रीडेवलपमेंट (EODR) 2.0' के दूसरे संस्करण का सफल आयोजन किया। इस एक दिवसीय प्रदर्शनी में नवी मुंबई और रायगढ़ क्षेत्र से 35 से अधिक डेवलपर्स, 1,567 हाउसिंग सोसाइटियां और 2,400 से ज्यादा आगंतुक शामिल हुए। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हाउसिंग सोसाइटियों को डेवलपर्स और विशेषज्ञों के साथ सीधे बातचीत करने का मंच प्रदान करना था, ताकि वे पुनर्विकास प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझ सकें। पहला संस्करण लगभग 800 से 1,000 सोसाइटियों की भागीदारी के साथ आयोजित हुआ था, जिसके बाद लगभग 25 पुनर्विकास परियोजनाएं शुरू हुई थीं।
इस प्रदर्शनी में पैनल चर्चा, विशेषज्ञ परामर्श और सीधी डेवलपर-सोसाइटी बातचीत शामिल रही। इसमें परियोजना की फिएबिलिटी, विकास मॉडल, वाणिज्यिक विचारों के साथ-साथ तकनीकी, कानूनी और वित्तीय आयामों पर चर्चा की गई।
प्लेटफॉर्म ने डेवलपर्स को व्यक्तिगत सोसाइटियों की विशिष्ट आवश्यकताओं को समझने में भी सक्षम बनाया, क्योंकि पुनर्विकास में कोई एक नियम सभी पर लागू नहीं हो सकता है। पुराने भवनों के लिए यह विशेष रूप से प्रासंगिक है, जो 40-50 साल पहले अलग नियमों और बुनियादी ढांचे के तहत बने थे।
क्रेडाई एमसीएचआई यूथ एनएमआर के अध्यक्ष श्री सुमित अहलूवालिया ने कहा कि ईओडीआर 2.0 का उद्देश्य पुनर्विकास प्रक्रिया में पारदर्शिता और जागरूकता लाना है। उपाध्यक्ष श्री विक्की थॉमस ने बताया कि हर हाउसिंग सोसाइटी की अपनी परिस्थितियां होती हैं और इसके लिए मानक टेम्पलेट का उपयोग नहीं किया जा सकता। तत्काल पूर्व अध्यक्ष श्री जितेश अग्रवाल ने कहा कि इस साल का मंच सोसाइटियों को प्रमुख डेवलपर्स से आमने-सामने मिलने का अवसर देता है। अध्यक्ष-विद्युत श्री आकाश मोर ने कहा कि युवा विंग का लक्ष्य एक खुला मंच बनाना है। सलाहकार श्री अमित हावारे ने कहा कि पुनर्विकास केवल पुरानी इमारत को नई में बदलना नहीं है, बल्कि समुदाय के लिए बेहतर भविष्य का निर्माण करना है।