कोलकाता हादसे के बाद अलर्ट: सीआर पार्क में 1000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात

कोलकाता में हुए दर्दनाक भगदड़ हादसे के बाद दिल्ली पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। दुर्गा पूजा के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए दिल्ली के चितरंजन पार्क (सीआर पार्क) और ग्रेटर कैलाश-2 (जीके-2) में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। इन इलाकों में 1000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है ताकि उत्सव के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
दरअसल, 17 अक्टूबर 2026 को कोलकाता के चोरबागान पंडाल में महासप्तमी के दौरान मची भगदड़ में कम से कम 19 लोगों की जान चली गई थी और 25 अन्य घायल हुए थे। इस त्रासदी के बाद देशभर में धार्मिक स्थलों और भारी भीड़ वाले आयोजनों में भीड़ प्रबंधन (क्राउड कंट्रोल) के नियमों की समीक्षा की जा रही है। दिल्ली में भी इसी मद्देनजर 16 से 20 अक्टूबर के बीच शाम 4 बजे से आधी रात तक सख्त ट्रैफिक प्रतिबंध और भीड़ नियंत्रण गाइडलाइंस लागू की गई हैं।
ट्रैफिक व्यवस्था और विवाद
भीड़भाड़ और जाम से बचने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निजी वाहनों का इस्तेमाल न करें और इसके बजाय दिल्ली मेट्रो का उपयोग करें। इस बीच, सीआर पार्क के कुछ पूजा समिति सदस्यों ने आरोप लगाया कि पुलिस पंडालों को रात 10 बजे तक बंद करने का दबाव बना रही है। हालांकि, दक्षिण दिल्ली के डीसीपी अनंत मित्तल ने इन दावों को खारिज कर दिया है।
डीसीपी मित्तल ने स्पष्ट किया कि पुलिस का उद्देश्य केवल अदालत द्वारा निर्धारित ध्वनि प्रदूषण नियमों का पालन कराना और बैरिकेडिंग के जरिए सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखना है।
दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल में चोरबागान हादसे की जांच तेज हो गई है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, संकरी एंट्री-एग्जिट और संरचना गिरने की अफवाहों के कारण यह हादसा हुआ। इस मामले में पूजा समिति के सचिव और उपाध्यक्ष समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर 10 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मामले की जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन किया है और मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है।