मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने और पोल खोलने की रणनीति बनाएंगे INDIA गठबंधन के नेता

Kittu Kumari30 September 20262 min read2 viewsNational
मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने और पोल खोलने की रणनीति बनाएंगे INDIA गठबंधन के नेता

नई दिल्ली में बुधवार को INDIA गठबंधन की बैठक होने जा रही है। इस बैठक से पहले मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी (CPI-M) के नेता और सांसद जॉन ब्रिटास ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने और उनकी पोल खोलने के लिए गठबंधन की बैठक में एक खास रणनीति बनाई जाएगी। संविधान क्लब में ANI से बातचीत करते हुए जॉन ब्रिटास ने यह भी साफ किया कि यह लड़ाई देश के संविधान को बचाने के लिए है।

प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर लगाए गंभीर आरोप

जॉन ब्रिटास ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के इशारे पर अवैध काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वाम दलों का मानना है कि देश के संविधान को बचाने के लिए सभी समान विचारधारा वाले दलों को एकजुट होना होगा। NDA का विरोध करने वाले सभी दलों को अपने आपसी मतभेदों को भुलाकर इस लड़ाई में एक साथ आना चाहिए।

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

DMK की वापसी और SIR प्रक्रिया पर चर्चा

DMK के INDIA गठबंधन में शामिल होने के सवाल पर जॉन ब्रिटास ने कहा कि यह फैसला DMK को लेना है कि वह गठबंधन में वापस आती है या नहीं। उन्होंने यह भी उदाहरण दिया कि केरल में उनकी पार्टी के कांग्रेस के साथ मतभेद हैं, लेकिन लोकतंत्र को बचाने के लिए वे उन मतभेदों से ऊपर उठकर काम कर रहे हैं। इस बैठक में विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।

चुनाव आयोग के भीतर चल रहे मतभेदों की खबरों के बाद विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुखर हो गया है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीने की अवधि में SIR अभ्यास से जुड़े फैसलों पर कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी। हालांकि, चुनाव आयोग ने एक प्रेस नोट जारी कर स्पष्ट किया था कि 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR का शेड्यूल 27 अक्टूबर 2025 को और 19 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 14 मई 2026 को आयोग की सर्वसम्मति से जारी किया गया था। आयोग ने यह भी साफ किया था कि कैबिनेट सचिव को भेजा गया पत्र चुनाव आयोग के किसी नीतिगत मामले से जुड़ा नहीं था।

Share:

Comments

Leave a comment