माकपा नेता एमए बेबी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के महासचिव एमए बेबी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे या उन्हें हटाने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि चल रहा विशेष गहन पुनरीक्षण मतदाताओं को सूची से हटाने का जरिया बन गया है।
चुनाव आयुक्तों के कथित विरोध का मामला
ANI को दिए साक्षात्कार में वरिष्ठ माकपा नेता ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला दिया। इस रिपोर्ट के अनुसार दो चुनाव आयुक्तों ने विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया और मतदाता सूची प्रक्रियाओं से जुड़े फैसलों पर कई बार आपत्ति जताई थी। उन्होंने दावा किया कि चुनाव निकाय को तानाशाही और अलोकतांत्रिक तरीके से चलाया जा रहा है।
फैसलों पर बहुमत की अनदेखी का आरोप
माकपा नेता ने कहा कि चुनाव आयोग में तीन सदस्य होते हैं और हर फैसला सर्वसम्मति या बहुमत के आधार पर होना चाहिए। एमए बेबी ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त अपने दो सहयोगियों के बहुमत के विचारों की अनदेखी कर रहे हैं और अपना फैसला थोप रहे हैं। उन्होंने इसे अवैध, अलोकतांत्रिक और तानाशाही करार दिया।
मतदाता सूची पुनरीक्षण रोकने की मांग
कई राज्यों में चल रहे मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर प्रतिक्रिया देते हुए माकपा नेता ने मांग की कि इस अभ्यास को तुरंत रोका जाए। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक हितधारकों को विश्वास में लेने के बाद ही इस पर आगे का निर्णय लिया जाना चाहिए।
भारत निर्वाचन आयोग का स्पष्टीकरण
इस बीच भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने स्पष्ट किया कि उसके सभी आधिकारिक आदेशों को अनुच्छेद 324 के तहत पूर्ण कानूनी मंजूरी प्राप्त है। आयोग ने कहा कि मसौदा चरणों के दौरान आंतरिक नोट्स और अलग अवलोकन संस्थागत संघर्ष के संकेत नहीं बल्कि मानक जाँच और संतुलन हैं।