सरकारी अधिकारियों पर टिप्पणी मामला: सीएम रेखा गुप्ता पर कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला

सरकारी अधिकारियों की तुलना हनुमान जी से करने वाली सीएम रेखा गुप्ता पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है। जानें क्या है पूरा मामला।

Kittu Kumari29 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
सरकारी अधिकारियों पर टिप्पणी मामला: सीएम रेखा गुप्ता पर कोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा सरकारी अधिकारियों के खिलाफ की गई कथित टिप्पणी के मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। यह पूरा विवाद सितंबर 2025 में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान दिए गए उनके एक बयान से शुरू हुआ था, जिसे लेकर एक शिकायत दर्ज कराई गई थी। अब अदालत 6 नवंबर को इस मामले पर अपना अंतिम आदेश सुनाएगी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट (ACJM) अश्वनी पंवार ने शिकायतकर्ता की दलीलों को सुनने के बाद यह कदम उठाया। शिकायतकर्ता राम निवास शर्मा की ओर से वकील संजीत कुमार ने पेशी की और अपनी लिखित दलीलें व संबंधित कानूनी फैसलों की सूची अदालत के समक्ष रखी, जिसे कोर्ट ने रिकॉर्ड पर ले लिया है।

क्या था पूरा विवाद और क्या कहा सीएम ने?

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यह पूरा मामला 23 सितंबर 2025 का है, जब कश्मीरी गेट आईएसबीटी पर दिल्ली और उत्तर प्रदेश के बड़ौत के बीच डीटीसी की अंतरराज्यीय एसी बस सेवा का शुभारंभ किया गया था। आरोप है कि इस सरकारी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों के कामकाज पर तंज कसते हुए कहा था, "हमारे दिल्ली सरकार के अधिकारी सभी हनुमान जी की तरह हैं। ये हनुमान तभी कड़ी मेहनत करते हैं जब उनकी पूंछ में आग लगती है, उससे पहले वे सब भूल जाते हैं।"

शिकायतकर्ता का दावा है कि यह बयान एक सार्वजनिक मंच से दिया गया था, जिसे वहां मौजूद अधिकारियों और आम जनता ने सुना। इसी आधार पर शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की थी।

हालांकि, इस मामले में दिल्ली पुलिस ने अपनी भूमिका स्पष्ट कर दी है। पुलिस ने 15 अक्टूबर को कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करते हुए सीएम रेखा गुप्ता को क्लीन चिट दे दी थी। पुलिस का कहना है कि मुख्यमंत्री के इस बयान में कोई संज्ञेय अपराध (Cognizable offence) नहीं बनता है। अब सभी की नजरें 6 नवंबर को आने वाले कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं।

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