RCOM मनी लॉन्ड्रिंग मामला: वैशाली माने के खिलाफ दिल्ली की कोर्ट ने जारी किया ओपन-एंडेड NBW

रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) से जुड़े करीब 40,000 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली की एक विशेष CBI कोर्ट ने बड़ी कार्रवाई की है। कोर्ट ने आरोपी वैशाली माने के खिलाफ ओपन-एंडेड गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है। यह आदेश प्रवर्तन निदेशालय (ED) की उस याचिका पर आया है, जिसमें आरोपी की उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग की गई थी।
मामले की गंभीरता और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को देखते हुए स्पेशल जज अजय गुलाटी ने यह सख्त कदम उठाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह वारंट तब तक प्रभावी रहेगा जब तक इसे लागू नहीं कर दिया जाता या कोर्ट द्वारा रद्द नहीं किया जाता। इसके साथ ही जांच एजेंसी को निर्देश दिया गया है कि वह आरोपी के ठिकाने की पुष्टि करते हुए रिपोर्ट पेश करे और वारंट को लागू करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दे।
अमेरिका में रह रही हैं आरोपी वैशाली माने
अदालत में पेश की गई स्टेटस रिपोर्ट के मुताबिक, वैशाली माने के आखिरी ज्ञात पते पर जब जांच अधिकारी पहुंचे, तो वहां उनकी मां मौजूद थीं। उन्होंने बताया कि वैशाली साल 2015 में शादी के बाद से ही अमेरिका में रह रही हैं और वह आखिरी बार 2021 में भारत आई थीं।
ED की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता जोहेब हुसैन ने कोर्ट को बताया कि वैशाली को जांच में शामिल होने के लिए ईमेल, व्हाट्सएप और उनके पते पर कई बार नोटिस और समन भेजे गए, लेकिन उन्होंने इसमें कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। यहां तक कि 19 फरवरी को जारी एक समन को उन्होंने लेने से इनकार कर दिया था।
गौरतलब है कि इस मामले में पूर्व निदेशक पुनीत नरेंद्र गर्ग को जनवरी 2026 में गिरफ्तार किया गया था, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। वहीं, वैशाली माने को बिना गिरफ्तारी के चार्जशीट किया गया था। अब इस मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को होगी, जिसमें एजेंसी को अपनी रिपोर्ट पेश करनी होगी।