कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल में भारी जाम, विरोध प्रदर्शनों के चलते रूट डायवर्ट

अगर आप आज दिल्ली के सेंट्रल इलाके या कनॉट प्लेस की तरफ जाने का प्लान बना रहे हैं, तो थोड़ा संभलकर निकलें। रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल और संसद मार्ग टी-पॉइंट के पास भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी हुई है। कनॉट प्लेस ट्रैफिक जाम का मुख्य कारण शहर के विभिन्न हिस्सों में हो रहे विरोध प्रदर्शन और सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, सुरक्षा कारणों से सुबह 6 बजे से ही ट्रैफिक डायवर्जन लागू कर दिया गया है। इस कार्रवाई का असर केवल कनॉट प्लेस तक सीमित नहीं है, बल्कि नई दिल्ली और सेंट्रल दिल्ली के करीब 30 प्रमुख चौराहों और सड़कों पर ट्रैफिक व्यवस्था को बदला गया है। यह लगातार दूसरा दिन है जब शहर में इतने बड़े पैमाने पर सुरक्षा ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें, खासकर यदि उन्हें रेलवे स्टेशन, बस टर्मिनल या एयरपोर्ट जाना हो, ताकि वे समय पर पहुंच सकें।
CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन
सड़कों पर इस अफरा-तफरी की वजह कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) जैसे छात्र संगठनों का विरोध प्रदर्शन है। ये समूह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। हालांकि दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों से इन प्रदर्शनों की आधिकारिक अनुमति नहीं दी थी, लेकिन CJP ने जंतर मंतर तक अपनी दैनिक रैलियां जारी रखने का ऐलान किया है।
इस हंगामे के बीच पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए CJP के नेताओं—मिस्टर डिपके, मिस्टर रंका और मिस्टर दास को प्रिवेंटिव अरेस्ट (निवारक गिरफ्तारी) कर लिया है, जिन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। वहीं, SFI के महासचिव सृजन भट्टाचार्य ने कहा कि छात्रों का प्रदर्शन शांतिपूर्ण होगा। दूसरी ओर, CJP नेता अजिंक्य शिंदे ने साफ किया है कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त पद से नहीं हटते, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
फिलहाल मौके पर भारी संख्या में दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती है। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए ट्रैफिक रूटों में रीयल-टाइम बदलाव किए जा सकते हैं।