कनॉट प्लेस में बवाल: प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर किया पथराव, 2 जवान घायल और 50 हिरासत में

देश की राजधानी दिल्ली का दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस इलाके में 10 अक्टूबर 2026 को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक विरोध प्रदर्शन हिंसक झड़प में बदल गया। इस हंगामे के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया, जिसमें दो पुलिस अधिकारी घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली पुलिस ने सख्त कार्रवाई की और करीब 50 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है।
यह पूरी घटना पीटीआई (PTI) बिल्डिंग के पास हुई। जानकारी के मुताबिक, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सदस्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। कुछ रिपोर्ट्स में इस विरोध प्रदर्शन का संबंध नीट (NEET) पेपर लीक विवाद से भी जोड़ा जा रहा है। जैसे ही प्रदर्शन बढ़ा, माहौल तनावपूर्ण हो गया और एसएफआई (SFI) के कार्यकर्ता मार्च के दौरान पुलिस बैरिकेड्स को उखाड़ते नजर आए।
सुरक्षा कड़ी और कोर्ट ने मांगा सबूत
हिंसा की इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता कर दिया है। कनॉट प्लेस के आसपास अतिरिक्त बैरिकेडिंग की गई है ताकि दोबारा ऐसी स्थिति पैदा न हो। वहीं, इस मामले में कानूनी कार्रवाई भी तेज हो गई है। दिल्ली हाई कोर्ट ने जंतर मंतर और उसके आसपास के इलाकों के सभी सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य सबूतों को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है, ताकि हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा सके।