कनॉट प्लेस में विरोध प्रदर्शन के चलते बाजार बंद, व्यापारियों को 300 करोड़ का झटका

Kittu Kumari12 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
कनॉट प्लेस में विरोध प्रदर्शन के चलते बाजार बंद, व्यापारियों को 300 करोड़ का झटका

देश की राजधानी के दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस में विरोध प्रदर्शनों ने व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। 12 अक्टूबर 2026 को हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि दुकानदारों को अपनी दुकानें खोलने के कुछ ही देर बाद वापस शटर गिराने पड़े। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित इन प्रदर्शनों की वजह से पूरे वीकेंड कारोबार ठप रहा, जिससे व्यापारिक संगठनों के मुताबिक करीब 300 करोड़ रुपये के टर्नओवर का भारी नुकसान हुआ है।

दरअसल, यह पूरा विवाद मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू हुआ है। प्रदर्शनकारियों का जमावड़ा देखते हुए न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने 9 अक्टूबर को ही व्यापारियों को एहतियात के तौर पर दुकानें बंद करने की सलाह दे दी थी। 10 अक्टूबर को बाजार लगभग पूरी तरह बंद रहे। जहां NDTA ने संभावित नुकसान 2,000 करोड़ रुपये तक बताया, वहीं अन्य रिपोर्टों के अनुसार मध्य दिल्ली के व्यापार पर रोजाना करीब 250 करोड़ रुपये का असर पड़ा।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम और प्रदर्शनकारियों की हरकतें

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प्रदर्शन के दौरान कुछ अराजक तस्वीरें भी सामने आईं, जहां प्रदर्शनकारियों को कनॉट प्लेस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पोस्टरों को खराब करते देखा गया। स्थिति को संभालने के लिए दिल्ली पुलिस ने पूरी न्यू दिल्ली जिला इकाई को 20 अलग-अलग जोन में बांट दिया है, जिसकी निगरानी वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं। पुलिस ने दूसरे दिन कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया।

व्यापारिक संगठनों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के मुताबिक, पिछले तीन दिनों में दिल्ली के बाजारों में ग्राहकों की भीड़ में 70% तक की गिरावट आई है।

CTI और NDTA ने स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतंत्र का अधिकार है, लेकिन यह आम जनता की आवाजाही और व्यापार में बाधा नहीं बनना चाहिए। इस संबंध में CTI ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मांग की है कि शहर के मुख्य व्यावसायिक केंद्रों से दूर एक स्थायी विरोध स्थल बनाया जाए, ताकि त्योहारों के सीजन में व्यापार और जनजीवन प्रभावित न हो।

गौरतलब है कि नियमों के मुताबिक, किसी भी प्रदर्शन के लिए आयोजकों को कम से कम 10 दिन पहले न्यू दिल्ली जिले के डीसीपी को आवेदन देना होता है, जिसमें उद्देश्य, समय और भीड़ का पूरा विवरण देना अनिवार्य है।

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