विरोध प्रदर्शन के चलते कनॉट प्लेस का सेंट्रल पार्क बंद, 150 कार्यकर्ता हिरासत में

Kittu Kumari17 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
विरोध प्रदर्शन के चलते कनॉट प्लेस का सेंट्रल पार्क बंद, 150 कार्यकर्ता हिरासत में

राजधानी दिल्ली के दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस का सेंट्रल पार्क प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए आम जनता के लिए बंद कर दिया गया। यह फैसला नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) ने 16 और 17 अक्टूबर 2026 को लिया। दरअसल, यह कदम कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित 'लेहरा दो तिरंगा' प्रदर्शन को रोकने के लिए एक एहतियाती उपाय के तौर पर उठाया गया था।

CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके के नेतृत्व में यह प्रदर्शन शुक्रवार शाम 5 बजे होना था। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और हिरासत में लिए गए पार्टी नेताओं सौरव दास और आशुतोष रंका की रिहाई थी। हालांकि पार्क बंद था और निषेधाज्ञा लागू थी, फिर भी कार्यकर्ता वहां इकट्ठा होने की कोशिश करने लगे। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए अभिजीत दिपके समेत करीब 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम और व्यापारियों का भारी नुकसान

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की थी। सुरक्षा के मद्देनजर कनॉट प्लेस और राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के आसपास 25,000 से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया था, साथ ही सीसीटीवी कैमरों से कड़ी निगरानी रखी गई। इस विरोध प्रदर्शन को आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी जनसमर्थन देने की अपील की थी।

इस पूरे घटनाक्रम का असर इलाके के व्यापार पर भी पड़ा। दिल्ली किराना कमेटी और दिल्ली आयरन एंड हार्डवेयर मर्चेंट एसोसिएशन के मुताबिक, त्योहारी सीजन के दौरान पार्क बंद होने और तनाव के कारण व्यापारियों को भारी वित्तीय चोट पहुंची है। अनुमान है कि कनॉट प्लेस में प्रतिदिन 150 करोड़ से 200 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जहां न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन ने पार्क बंद करने के फैसले का समर्थन किया, वहीं उन्होंने प्रदर्शनकारियों द्वारा ट्रैफिक और व्यापार में बाधा डालने पर चिंता जताई।

कानूनी मोर्चे पर, दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रदर्शन को रोकने का आदेश तो नहीं दिया, लेकिन पुलिस के व्यवस्था बनाए रखने के आश्वासन को रिकॉर्ड पर लिया। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने पार्क बंद करने के खिलाफ दायर याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया, लेकिन यह संकेत दिया कि यदि NDMC का आदेश अनुचित पाया गया, तो स्थानीय व्यापारियों को मुआवजा देने पर विचार किया जा सकता है। इस मामले की अगली सुनवाई 26 या 27 अक्टूबर को हो सकती है।

Share:

Comments

Leave a comment