दिल्ली में कांग्रेस की 'वोट बचाओ देश बचाओ' रैली पर बवाल, व्यापारियों ने जताया भारी नुकसान का डर

दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की 'वोट बचाओ' रैली से व्यापारियों को 10 हजार करोड़ के नुकसान का डर, टालने की मांग।

Kittu Kumari29 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
दिल्ली में कांग्रेस की 'वोट बचाओ देश बचाओ' रैली पर बवाल, व्यापारियों ने जताया भारी नुकसान का डर

दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को कांग्रेस और विपक्षी INDIA गठबंधन द्वारा आयोजित होने वाली 'वोट बचाओ, देश बचाओ' मेगा रैली ने अब एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। जहां एक तरफ राहुल गांधी की मौजूदगी वाली इस रैली की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं, वहीं दूसरी ओर शहर के व्यापारियों में इस आयोजन को लेकर गहरी चिंता है। व्यापारियों का मानना है कि त्योहारों के इस पीक सीजन में इतनी बड़ी भीड़ से उनके कारोबार पर बुरा असर पड़ेगा।

चेंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने इस संबंध में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी को पत्र लिखकर अपील की है कि इस रैली को भाई दूज के बाद, यानी 10 नवंबर के बाद आयोजित किया जाए। CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल का कहना है कि धनतेरस और दिवाली के समय दिल्ली के बाजारों में करीब 25,000 करोड़ रुपये का व्यापार होता है। रामलीला मैदान के 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले चांदनी चौक, सदर बाजार, खारी बावली और चावड़ी बाजार जैसे 21 थोक बाजार इस रैली की वजह से प्रभावित हो सकते हैं, जिससे शहर को लगभग 10,000 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान होने की आशंका है।

पुलिस की सख्त शर्तें और सुरक्षा इंतजाम

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दिल्ली पुलिस ने इस रैली के लिए एनओसी (NOC) तो दे दी है, लेकिन साथ ही बेहद कड़े नियम भी लागू किए हैं। पुलिस ने साफ किया है कि रैली शाम 5 बजे तक खत्म हो जानी चाहिए और मैदान को तुरंत खाली करना होगा; रात में रुकने की अनुमति नहीं होगी। सुरक्षा के लिए आयोजन स्थल को 14 जोन में बांटा गया है और करीब 3,500 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।

आयोजकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स और स्टेज पर हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे लगाएं। साथ ही, पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी वक्ता जाति, धर्म या रंग के आधार पर भड़काऊ भाषण देता है, तो तुरंत पब्लिक एड्रेस सिस्टम बंद कर दिया जाएगा और वक्ता को हटाया जा सकता है।

दूसरी ओर, ऑल इंडिया महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अल्का लांबा ने व्यापारियों की चिंता को खारिज करते हुए कहा है कि 10 लाख लोगों के आने से होटल, रेस्टोरेंट और ट्रांसपोर्ट सेवाओं के बिजनेस में बढ़ोतरी होगी। गौरतलब है कि यह रैली मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों की एक कड़ी है। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने पुलिस पर निर्माण कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया था, जिसे पुलिस ने पूरी तरह से नकार दिया है।

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