कांग्रेस रैली: रामलीला मैदान को 14 सुरक्षा जोन में बांटा, दिल्ली पुलिस ने कसी कमर
कांग्रेस की 'दिल्ली चलो' रैली के लिए दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान को 14 सुरक्षा जोन में बांटा, सुरक्षा के कड़े इंतजाम।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा आयोजित होने वाली बड़ी रैली को देखते हुए दिल्ली पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इस आयोजन के लिए ऐतिहासिक रामलीला मैदान की सुरक्षा को बेहद पुख्ता किया गया है। पुलिस प्रशासन ने पूरे मैदान को 14 अलग-अलग सुरक्षा जोन में विभाजित कर दिया है ताकि भीड़ का प्रबंधन सही ढंग से हो सके और किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
यह आयोजन इंडिया गठबंधन के 'दिल्ली चलो' विरोध प्रदर्शन का हिस्सा है, जो 25 अक्टूबर से 3 नवंबर 2026 तक चलेगा। इस पूरे कार्यक्रम का मुख्य प्रदर्शन 1 नवंबर को होना तय है। कांग्रेस की इस रैली के जरिए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जाएंगे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की जाएगी।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और नए नियम
दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने हाल ही में एक आदेश जारी कर रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और सीबीडी ग्राउंड को आधिकारिक विरोध प्रदर्शन स्थलों के रूप में अधिसूचित किया है, जबकि जंतर-मंतर को इस सूची से हटा दिया गया है। 12 एकड़ में फैले इस मैदान की क्षमता करीब 50,000 लोगों की है। यहाँ किसी भी कार्यक्रम के लिए दिल्ली पुलिस से एनओसी और एमसीडी के बागवानी विभाग की अनुमति अनिवार्य है।
सुरक्षा व्यवस्था की कमान डीसीपी (सेंट्रल) रोहित राजबीर सिंह संभाल रहे हैं। पुलिस केवल मैन्युअल फोर्स पर ही निर्भर नहीं है, बल्कि भीड़ नियंत्रण के लिए फेशियल रिकग्निशन कैमरा सिस्टम और आधुनिक निगरानी उपकरणों का भी सहारा लिया जा रहा है। इससे पहले दशहरा उत्सव के दौरान भी यहाँ ड्रोन सर्विलांस और थ्री-लेयर सिक्योरिटी का इस्तेमाल किया गया था, जिसे अब इस राजनीतिक रैली के लिए और अधिक सख्त किया गया है।
गौरतलब है कि अब रामलीला मैदान के आवंटन के लिए दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार वार्षिक आवंटन नीति का पालन किया जा रहा है, जिससे पहले की 'पहले आओ-पहले पाओ' वाली व्यवस्था खत्म हो गई है।