राहुल और प्रियंका गांधी की हिरासत के खिलाफ दिल्ली-भोपाल में कांग्रेस का हल्लाबोल

देश की राजधानी दिल्ली और मध्य प्रदेश के भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जबरदस्त आक्रोश जताया है। यह विरोध प्रदर्शन पार्टी के दिग्गज नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की हिरासत के बाद शुरू हुआ। दिल्ली में चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर कूच कर रहे इन नेताओं और उनके साथ करीब 260 अन्य लोगों को दिल्ली पुलिस ने रोक लिया और हिरासत में ले लिया।
दरअसल, यह पूरा मामला 'वोट चोरी' और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) में गड़बड़ियों के आरोपों से जुड़ा है। इंडिया गठबंधन द्वारा आयोजित इस मार्च के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई। दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस मार्च के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी, जिसके कारण कार्रवाई करनी पड़ी। हालांकि, राहुल गांधी ने पलटवार करते हुए कहा कि चुनाव आयोग निर्वाचित प्रतिनिधियों के प्रति अपनी जवाबदेही से बच रहा है।
9 घंटे का धरना और भोपाल में घेराव
हिरासत की यह कार्रवाई नीति आयोग के पास हुई, जिसके बाद नेताओं ने आकाशवाणी भवन में करीब नौ घंटे तक धरना दिया। बाद में उन्हें किंग्सवे कैंप पुलिस लाइन्स से रिहा किया गया। वहीं, इस घटना की गूंज भोपाल में भी सुनाई दी, जहां कांग्रेस नेताओं और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्थानीय चुनाव आयोग कार्यालय का घेराव किया। इस प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी शामिल हुए, जिन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।
बता दें कि कांग्रेस का यह विरोध प्रदर्शन अचानक नहीं हुआ है। इससे पहले 2 अक्टूबर को जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया गया था और 28 सितंबर को भोपाल में एक बड़ा विरोध जताया गया था। उस दौरान जीतू पटवारी और उमंग सिंघार जैसे नेताओं पर पुलिस ने पानी की बौछारें भी छोड़ी थीं। कांग्रेस पार्टी का आरोप है कि देश भर में करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, जिसे वह लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ मान रही है।