पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल, 8 अक्टूबर को मनाएगी 'ब्लैक डे'

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने केंद्र सरकार और पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने 8 अक्टूबर को देशभर में 'ब्लैक डे' (काला दिन) मनाने का ऐलान किया है। यह फैसला बुधवार को जंतर मंतर के पास हुए उस हंगामे के बाद लिया गया, जिसमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और इंडिया गठबंधन के अन्य सांसदों को पुलिस ने रोका और हिरासत में लिया। कांग्रेस का आरोप है कि शांतिपूर्ण मार्च के दौरान पुलिस ने बर्बरता की और नेताओं पर लाठियां बरसाईं, जिससे कई लोग घायल हुए हैं।
कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल द्वारा जारी एक नोट में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने सारी हदें पार कर दी हैं। जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में सांसद चुनाव आयोग से जवाबदेही मांगने के लिए जंतर मंतर की ओर बढ़ रहे थे, तब उन्हें बलपूर्वक रोका गया। पार्टी ने इस पूरी घटना को भारतीय लोकतंत्र और संविधान पर हमला करार दिया है।
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ी पार्टी
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को उनके पद से नहीं हटा दिया जाता। पार्टी का मानना है कि चुनावी प्रणाली की अखंडता को बहाल करना जरूरी है। इस घटना के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा को जमीन पर गिरते देखा गया, जिन्होंने आरोप लगाया कि महिला पुलिसकर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की और उन्हें घसीटकर नीचे गिराया।
पार्टी ने सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटियों (PCC), जिला कांग्रेस कमेटियों (DCC) और ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों (BCC) को निर्देश दिया है कि वे गुरुवार, 8 अक्टूबर को राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर व्यापक विरोध प्रदर्शन आयोजित करें। गौरतलब है कि यह पूरा विवाद चुनावी सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और फॉर्म 6 में किए गए बदलावों को लेकर शुरू हुआ था, जिसके बाद विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहा है।