जंतर मंतर प्रदर्शन: कॉकरोच जनता पार्टी के दो कार्यकर्ता रिहा, SEM कोर्ट ने दी मंजूरी

नई दिल्ली की एक स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट ने बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के दो कार्यकर्ताओं, सौरव दास और आशुतोष रंका को रिहा करने का आदेश दिया है। सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) रितु राज, जो SEM के रूप में कार्यरत थीं, ने कार्यकर्ताओं द्वारा पेश की गई जमानत राशि (sureties) को स्वीकार करने के बाद उनकी रिहाई की अनुमति दी।
बता दें कि 27 वर्षीय सौरव दास, जो पार्टी के मुख्य प्रवक्ता हैं और 32 वर्षीय राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका को 13 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया गया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन के दौरान जंतर मंतर के प्रतिबंधित क्षेत्र में सुरक्षा नियमों का उल्लंघन कर प्रवेश किया था।
पुलिस की हिरासत बढ़ाने की मांग खारिज
इन कार्यकर्ताओं को पहले 14 अक्टूबर को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था, जिसे बाद में 19 अक्टूबर को दो और दिनों के लिए बढ़ा दिया गया। उस समय SEM कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा था कि ये कार्यकर्ता प्रतिबंधित क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन करने के "आदी" हो चुके हैं और कानून के प्रति सम्मान नहीं दिखा रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने शांति और व्यवस्था बनाए रखने का हवाला देते हुए उनकी हिरासत को तीन और दिन बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इस अनुरोध को ठुकरा दिया।
रिहाई से पहले इन कार्यकर्ताओं ने वकील अभिक चिमनी और प्रांजल अब्रोल के माध्यम से दिल्ली हाई कोर्ट में हिरासत विस्तार को चुनौती देने वाली याचिका भी दायर की थी। हालांकि, जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने इस याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए कहा कि इसके लिए रिविजन पिटीशन एक बेहतर विकल्प होगा। इसके बाद याचिका वापस ले ली गई।
गौरतलब है कि इससे पहले भी रिहाई की कोशिशें की गई थीं, लेकिन दस्तावेजों में विसंगतियों के कारण जमानत खारिज हो गई थी। रिहाई के बाद सौरव दास ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि "सत्य की जीत हुई है।"