जंतर मंतर प्रदर्शन मामला: कोर्ट में पेश होंगे कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ता
जंतर मंतर प्रदर्शन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ता सौरभ दास और अन्य की कोर्ट में पेशी और क्राइम ब्रांच की जांच जारी।

दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए एक प्रदर्शन के बाद कानूनी पचड़ों में फंसे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता अब एक बार फिर सुर्खियों में हैं। पार्टी के कार्यकर्ता सौरभ दास, आशुतोष रंका और अजिंक्य शिंदे को शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट में पेश होना है। यह पेशी मुख्य रूप से उनकी जमानत के लिए दिए गए दस्तावेजों के सत्यापन के लिए तय की गई है।
पूरा मामला तब शुरू हुआ जब 13 अक्टूबर 2026 को जंतर मंतर पर एक प्रदर्शन किया गया था। गौरतलब है कि जंतर मंतर को अधिकृत विरोध प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया गया था, जिसके बावजूद वहां प्रदर्शन किया गया। इस वजह से सौरभ दास और आशुतोष रंका को हिरासत में लिया गया था। उन पर शांति भंग करने और निजी संपत्ति में अनधिकृत प्रवेश जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। सात दिनों की न्यायिक हिरासत के बाद, 21 अक्टूबर को उन्हें जमानत मिली।
शर्तों के साथ मिली जमानत और क्राइम ब्रांच की जांच
कोर्ट ने इन कार्यकर्ताओं को जमानत देते हुए कुछ सख्त शर्तें रखी हैं। दोनों कार्यकर्ताओं ने लिखित आश्वासन दिया है कि वे सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखेंगे, कानून का पालन करेंगे और जब तक कानूनी अनुमति वापस नहीं मिल जाती, तब तक जंतर मंतर पर कोई विरोध प्रदर्शन आयोजित नहीं करेंगे। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि यह आदेश केवल उनकी रिहाई के लिए है, इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें आरोपों से बरी कर दिया गया है।
दूसरी तरफ, दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। गुरुवार, 22 अक्टूबर को क्राइम ब्रांच ने तीनों कार्यकर्ताओं को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वे पेश नहीं हुए और उन्होंने अतिरिक्त समय की मांग की। हालांकि शुक्रवार के लिए कोई नया औपचारिक नोटिस जारी नहीं किया गया है, लेकिन जांच अधिकारियों का कहना है कि दास, रंका और शिंदे सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच पूछताछ के लिए आ सकते हैं। उम्मीद की जा रही है कि वे दोपहर 3 बजे होने वाली अपनी कोर्ट सुनवाई से पहले जांच टीम के सामने पेश होंगे।