कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में हाई अलर्ट, मेट्रो और ट्रेनें बंद

राजधानी दिल्ली इस समय भारी तनाव और कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच है। शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा किए जाने वाले विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने शहर में व्यापक पाबंदियां लगा दी हैं। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया है। पुलिस का कहना है कि पार्टी ने आवेदन बहुत देर से किया, जिससे 10 दिन पहले नोटिस देने का नियम टूट गया, साथ ही पार्टी का पिछला रिकॉर्ड भी कानूनी निर्देशों के पालन के मामले में खराब रहा है।
सुरक्षा के मद्देनजर नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। शहर को पूरी तरह छावनी में बदल दिया गया है, जहां 25,000 पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है। प्रशासन ने 15 जिलों में 37-सूत्रीय घेराबंदी की है और प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए विशेष डिटेंशन सेंटर भी बनाए गए हैं। इतना ही नहीं, सेंट्रल दिल्ली के होटलों और गेस्ट हाउसों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे विरोध प्रदर्शन के लिए आने वाले संदिग्ध लोगों को कमरा न दें और तुरंत पुलिस को सूचना दें।
परिवहन ठप और स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई
इस विरोध प्रदर्शन का असर आम जनता की जिंदगी पर भी पड़ा है। परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। नमो भारत के सराय काले खां और न्यू अशोक नगर स्टेशन बंद रखे गए हैं, जबकि 57 दिल्ली मेट्रो स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद कर दिए गए हैं। भारतीय रेलवे ने भी नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशनों पर आने वाली कई राजधानी और शताब्दी जैसी एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द कर दिया है। इसके अलावा, स्कूलों में ऑनलाइन क्लासेज शुरू हो गई हैं और कॉलेजों ने 10 अक्टूबर को होने वाली परीक्षाएं टाल दी हैं।
इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने परिवहन पर लगी इन पाबंदियों पर 'गंभीर चिंता' जताई है। कोर्ट ने कहा कि हालांकि बिना अनुमति के प्रदर्शन गैरकानूनी है, लेकिन मेट्रो की आवाजाही पर पूरी तरह रोक नहीं होनी चाहिए ताकि आम नागरिकों को परेशानी न हो। वरिष्ठ अधिवक्ताओं कपिल सिब्बल, अभिषेक सिंघवी और प्रशांत भूषण ने इन पाबंदियों को चुनौती दी है।
यह पूरा विवाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ है, जिन पर कॉकरोच जनता पार्टी 'वोट चोरी' और मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप लगा रही है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत डिपके का दावा है कि सरकार 'जेन जेड' (Gen Z) से डर रही है और वे किसी भी कीमत पर अपना प्रदर्शन करेंगे। वहीं, विपक्षी इंडिया गठबंधन ने भी इस मुद्दे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर अपनी चिंताएं जाहिर की हैं।