नई दिल्ली में वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन के 21वें संस्करण के लिए फिनिशर मेडल का अनावरण किया गया है। यह मेडल दुनिया भर के धावकों के लिए एक बड़ी उपलब्धि का प्रतीक है। इस मेडल को दिल्ली सचिवालय में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा लॉन्च किया गया है। वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन का आयोजन 18 अक्टूबर 2026 को रविवार को किया जाएगा। इस मैराथन की शुरुआत ऐतिहासिक जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से होगी। इस दौड़ में देश और दुनिया भर से हजारों धावक हिस्सा लेंगे। पिछले दो दशकों में यह इवेंट दिल्ली की खेल पहचान का एक अहम हिस्सा बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए फिट इंडिया मूवमेंट के तहत एक स्वस्थ भारत के विजन को इस आयोजन से बढ़ावा मिलता है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह हाफ मैराथन स्वास्थ्य, फिटनेस और महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के मामले में एक अहम पहल बन चुकी है।
दिल्ली सरकार इस इवेंट को और अधिक सफल बनाने के लिए पूरी तरह साथ खड़ी है। इसके अलावा दिल्ली के श्रम, रोजगार और पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली सरकार और दिल्ली पर्यटन इस तरह के खेल आयोजनों को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। यह आयोजन दिल्ली को एक बेहतरीन पर्यटन स्थल के रूप में मजबूत करता है।
2026 का यह फिनिशर मेडल भारत की प्राकृतिक विरासत और धावकों की व्यक्तिगत यात्रा का अनूठा संगम है।
इस मेडल को उदयपुर की ऐतिहासिक जावर खदानों से प्राप्त उच्च गुणवत्ता वाले जस्ते से बनाया गया है। इसे वेदांता समूह की कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड द्वारा तैयार किया गया है। हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड और वेदांता लिमिटेड की निदेशक प्रिया अग्रवाल हेब्बर ने कहा कि यह मेडल ताकत और सहनशक्ति का एक शक्तिशाली प्रतीक है। #RunForZeroHunger अभियान के जरिए हर एक किलोमीटर की दौड़ से जरूरतमंद बच्चों और जानवरों को पोषण देने में मदद मिलती है।
इस मैराथन को लेकर शहर के लोगों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।
इस साल हाफ मैराथन के पंजीकरण इतिहास में सबसे तेज गति से सिर्फ 100 घंटों के भीतर बंद हो गए। द ग्रेट दिल्ली रन, चैंपियंस विद डिसेबिलिटी और सीनियर सिटीजन रन को भी जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के मुख्य विपणन अधिकारी श्रीपाद शेंडे और प्रोकैम इंटरनेशनल के संयुक्त प्रबंध निदेशक विवेक सिंह ने इस आयोजन को फिटनेस और अनुशासन का प्रतीक बताया है। इस इवेंट के आयोजन में दिल्ली सरकार, खेल मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण, एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया, दिल्ली पुलिस और भारतीय सेना सहित कई अन्य संस्थानों का पूरा सहयोग मिला है।