सीएम रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग में कई विकास परियोजनाओं का किया उद्घाटन
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग क्षेत्र में शिशु वाटिका, सार्वजनिक शौचालय और अर्पण केंद्र जैसी कई सुविधाओं का उद्घाटन किया।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र के निवासियों को बड़ी सौगातें दी हैं। उन्होंने इलाके में कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण किया, जिससे स्थानीय लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिल सकेंगी। मुख्यमंत्री ने इस दौरान बच्चों के लिए सुरक्षित खेल क्षेत्र, आधुनिक सार्वजनिक शौचालयों और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम करने वाले केंद्रों की शुरुआत की।
मुख्यमंत्री ने हैदरपुर के नेहरू कैंप में रोड नंबर 26 पर दो नई शिशु वाटिकाओं का उद्घाटन किया। इन वाटिकाओं को खास तौर पर बच्चों के लिए तैयार किया गया है, जहाँ मिट्टी भरने, घास लगाने, पौधारोपण और फुटपाथ बनाने का काम पूरा किया गया है। बच्चों की सुविधा के लिए यहाँ नए झूले, बेंच और बेहतर लाइटिंग की व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें खेलने के लिए एक सुरक्षित और हरा-भरा माहौल मिल सके।
साफ-सफाई और पर्यावरण पर विशेष जोर
क्षेत्र में स्वच्छता सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने दो बड़े पब्लिक कन्वीनियंस कॉम्प्लेक्स (सार्वजनिक शौचालय) समर्पित किए। इनमें से पहला पीतमपुरा के जीपी ब्लॉक स्थित सेवा बस्ती में बनाया गया है, जिसमें महिलाओं के लिए 19 और पुरुषों के लिए 21 शौचालय सहित बाथरूम की सुविधा है। वहीं, शालीमार बाग के एओ ब्लॉक स्थित सेवा बस्ती में 49 सीटों वाले कॉम्प्लेक्स का लोकार्पण किया गया, जिसमें महिलाओं के लिए 22 और पुरुषों के लिए 27 शौचालय दिए गए हैं।
इसके अलावा, पीतमपुरा के कस्तूरबा गांधी पॉलिटेक्निक में 'अर्पण केंद्र' की शुरुआत की गई। इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य पुराने और बेकार कपड़ों को नया जीवन देना है, ताकि टेक्सटाइल वेस्ट (कपड़ों के कचरे) को कम किया जा सके और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा मिले।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार राजधानी के हर हिस्से में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि असली विकास केवल बड़ी परियोजनाओं से नहीं, बल्कि तब दिखता है जब आम नागरिकों को उनके मोहल्लों में बेहतर सड़कें, साफ वातावरण, पर्याप्त रोशनी और आधुनिक सुविधाएं मिलें। उनका लक्ष्य विकास के लाभों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है।