सीएम रेखा गुप्ता ने जेई के आचरण की जांच के आदेश दिए, एक्टिविस्ट को मिलेगी 5 लाख की मदद
दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने भ्रष्टाचार के आरोपों में जेई के खिलाफ जांच के आदेश दिए और एनिमल शेल्टर के लिए 5 लाख की मदद दी।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भ्रष्टाचार और अवैध तोड़फोड़ के गंभीर आरोपों के बाद एक जूनियर इंजीनियर (JE) के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री ने विकास गुप्ता नामक जेई के आचरण की औपचारिक जांच के आदेश दिए हैं। यह पूरा मामला तब सामने आया जब एक एनिमल वेलफेयर एक्टिविस्ट ने अपनी शिकायत दर्ज कराई कि रिश्वत न देने के कारण उनके निर्माणाधीन एनिमल शेल्टर को जमींदोज कर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने स्ट्रीट वर्ल्डज ट्रस्ट की संस्थापक और पशु कल्याण कार्यकर्ता जागृति मिश्रा से मुलाकात की। जागृति ने आरोप लगाया कि उनके शेल्टर को तब नष्ट किया गया जब उन्होंने रिश्वत देने से इनकार कर दिया। इस घटना के बाद सीएम रेखा गुप्ता ने 25 अक्टूबर, 2026 को कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष से जागृति मिश्रा और उनके संगठन की सहायता के लिए 5 लाख रुपये के अनुदान की घोषणा की है।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस: दोषियों पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने इस मामले में दिल्ली पुलिस को निर्देश दिए हैं कि तोड़फोड़ में शामिल सभी जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ औपचारिक मामला दर्ज किया जाए। इसके साथ ही, संबंधित जूनियर इंजीनियर को इस घटना में उनकी भूमिका को लेकर कारण बताओ नोटिस (Show-cause notice) जारी किया जा रहा है।
जागृति मिश्रा ने अपनी शिकायत में स्थानीय लोगों द्वारा उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उन्होंने विशेष रूप से सोनू डाबास का नाम लिया, जो एक स्थानीय आम आदमी पार्टी पार्षद के भाई हैं। आरोप है कि सोनू और उनके साथियों ने रिश्वत की मांग की और जब मांग पूरी नहीं हुई, तो जेसीबी मशीन बुलाकर शेल्टर को ढहा दिया।
सीएम रेखा गुप्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो लोग अवैध पैसों की मांग करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज की भलाई के लिए काम करने वाले नागरिकों को इस तरह के उत्पीड़न का सामना नहीं करना चाहिए।
पशु कल्याण कार्यों को बिना रुके जारी रखने के लिए मुख्यमंत्री ने जिला मजिस्ट्रेट (DM) को भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि दिव्यांग, विकलांग और आवारा जानवरों के लिए बनाए जा रहे इस शेल्टर की स्थापना और संचालन में जागृति मिश्रा को हर संभव प्रशासनिक सहायता प्रदान की जाए।